रांची के मेन रोड पर 10 जून 2022 को हुई हिंसा मामले में अदालत ने नौ आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। यह मामला डेली मार्केट थाना कांड संख्या 16 22 से जुड़ा है।
Ranchi Violence Case Verdict रांची: रांची के मेन रोड पर 10 जून 2022 को हुई हिंसा के मामले में अदालत ने नौ आरोपियों को बरी कर दिया है। न्यायिक दंडाधिकारी मान्या टंडन की अदालत ने सुनवाई के बाद साक्ष्यों के अभाव में इन सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
बरी किए गए आरोपियों में नवाब चिश्ती, शाहबाज, रमजान, अमजद खान, मो माज, शकील, इरफान, मो अमन मंसूरी और एक अन्य शामिल हैं। इनमें से कुछ आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए थे। यह मामला डेली मार्केट थाना कांड संख्या 16 22 से जुड़ा हुआ है।
Ranchi Violence Case Verdict:22 लोगों को बनाया गया था आरोपी
इस मामले में पुलिस ने कुल 22 लोगों को आरोपी बनाया था। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से कई तर्क प्रस्तुत किए गए।
बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता एसके उपाध्याय, अधिवक्ता प्रियंका, लक्ष्य कुमार, संजय कुमार और अनन्या शांभवी सहित अन्य वकीलों ने केस की पैरवी की।
Key Highlights
रांची मेन रोड हिंसा मामले में नौ आरोपियों को अदालत ने बरी किया
मामला डेली मार्केट थाना कांड संख्या 16 22 से जुड़ा है
इस केस में कुल 22 लोगों को आरोपी बनाया गया था
कुछ आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए
10 जून 2022 को जुलूस के दौरान हुई थी हिंसा और पुलिस पर हमला
Ranchi Violence Case Verdict:10 जून 2022 को हुई थी हिंसक घटना
जानकारी के अनुसार 10 जून 2022 को एकरा मस्जिद की ओर से एक समुदाय विशेष के हजारों लोग जुलूस के रूप में अलबर्ट एक्का चौक की ओर बढ़ रहे थे। बताया जाता है कि जुलूस की अनुमति नहीं ली गई थी और धार्मिक नारे लगाए जा रहे थे।
दंडाधिकारी ने जुलूस को रोकने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ आगे बढ़ती गई और डेली मार्केट थाना के पास स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान हंगामा और हिंसा की घटना सामने आई।
Ranchi Violence Case Verdict:पुलिस पर हमला और चली थीं गोलियां
घटना के दौरान पुलिस पर हमला किए जाने की भी बात सामने आई थी। हालात बिगड़ने पर दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चली थीं, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
इस संबंध में डेली मार्केट थाना में तत्कालीन दारोगा सुमित कुमार भगत के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अदालत में सुनवाई के बाद अब नौ आरोपियों को बरी कर दिया गया है।
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