झारखंड के युवकों को बैंकॉक और म्यांमार ले जाकर साइबर ठगी में लगाया गया। पुलिस जांच में अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा।
Cyber Crime Network रांची: रांची में साइबर अपराध से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें झारखंड के कई युवकों को विदेश ले जाकर साइबर ठगी के धंधे में धकेला गया। साइबर थाना पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि हजारीबाग, खूंटी और जमशेदपुर के सात युवक इस गिरोह का शिकार बने थे।
Key Highlights
झारखंड के 7 युवक साइबर ठगी गिरोह का शिकार
बैंकॉक और म्यांमार ले जाकर कराया गया साइबर अपराध
मुख्य आरोपी सरताज आलम गिरफ्तार
सोशल मीडिया और टेलीग्राम के जरिए होता था संपर्क
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका की जांच जारी
Cyber Crime Network:नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजे गए युवक
जांच में सामने आया कि पीड़ित युवक फिरोज को पहले बैंकॉक या थाइलैंड में नौकरी का झांसा दिया गया। उसे फ्लाइट के जरिए बैंकॉक भेजा गया, जहां से उसे म्यांमार पहुंचाया गया। वहां उससे जबरन साइबर अपराध करवाया जाने लगा। बाद में विदेश मंत्रालय की मदद से उसे रेस्क्यू कर झारखंड वापस लाया गया।
इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर 16 दिसंबर 2025 को साइबर थाना रांची में केस दर्ज किया गया था।
Cyber Crime Network:मुख्य आरोपी सरताज आलम गिरफ्तार
पुलिस ने इस केस में मुख्य आरोपी सरताज आलम को 18 फरवरी को जमशेदपुर से गिरफ्तार किया था। जांच और गवाहों के बयान के आधार पर केस डायरी तैयार कर अदालत में जमा कर दी गई है। आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को फंसाता था और उन्हें साइबर फ्रॉड में लगा देता था।
Cyber Crime Network:सोशल मीडिया और टेलीग्राम से चलता था नेटवर्क
पीड़ितों के अनुसार, गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और Telegram के जरिए युवकों से संपर्क करते थे। शिकायतकर्ता समेत अन्य पीड़ितों—कौसर अब्दुल्ला, शादाब अनवर, वसीम अकरम, मो फिरोज, मो इरफान अंसारी और आसिफ मोहसीन—ने बताया कि एजेंट ऑनलाइन संपर्क कर नौकरी का लालच देते थे।
जांच के दौरान पुलिस को इस गिरोह के विदेशी नेटवर्क के बारे में भी जानकारी मिली है, जिसकी भूमिका की गहराई से जांच जारी है।
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