सुलभ संपर्कता योजना से सीधे हाईवे से जुड़ रहे बिहार के गांव

पटना : दशकों से संपर्क विहीन रही राज्य की 1.21 लाख ग्रामीण बसावटों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ने के बाद अब उन ग्रामीण बसावटों का सीधा जुड़ाव बड़े राजमार्गों से किया जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा राज्य में सुलभ संपर्कता योजना की शुरुआत की गई है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों को सीधे उच्च श्रेणी के मार्गों से जोड़ते हुए विकास की गति को नई रफ्तार देने वाला है।

इस योजना के तहत अबतक कुल 74 नई योजनाओं का चयन किया गया है

राज्य में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना एवं ग्रामीण टोला सम्पर्क निश्चय योजना के तहत कुल 1,29,990 संपर्क विहीन ग्रामीण बसावटों की पहचान की गई थी। इनमें अबतक कुल 1,21,151 बसावटों को 1,20,178 किलोमीटर से अधिक लंबी पक्की बारहमासी सड़कों के माध्यम से जोड़ा जा चुका है। वहीं शेष बसावटों को भी शीघ्र पक्की ग्रामीण सड़क से जोड़ने के लिए कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। इस व्यापक ग्रामीण सड़क संपर्कता अभियान ने ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया है। इस दिशा में कार्य तेज गति से प्रगति पर है। इस योजना के तहत अब तक कुल 74 नई योजनाओं का चयन किया गया है, जिनमें से 65 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। साथ ही 16 महत्वपूर्ण योजनाओं पर निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर दिए गए हैं।

बसावटों के पक्की सड़कों से जुड़ने के बाद अब सुलभ संपर्कता योजना के माध्यम से इस बुनियादी संपर्कता को और अधिक सुलभ बनाया जा रहा है

बसावटों के पक्की सड़कों से जुड़ने के बाद अब सुलभ संपर्कता योजना के माध्यम से इस बुनियादी संपर्कता को और अधिक सुलभ बनाया जा रहा है। राज्य के कई ऐसे गांव और टोले हैं, जहां मुख्य सड़कों तक पहुंचने के लिए लोगों को संकरे, घुमावदार और कच्चे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता था। विशेषकर बारिश के दिनों में यह सफर एक बड़ी चुनौती बन जाता था। इस नई योजना के माध्यम से राज्य के उन दुर्गम और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों को अब सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), राज्य राजमार्ग (SH) व वृहद जिला पथों से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नए सुलभ मार्गों और वैकल्पिक रास्तों (थ्रू रूट या बाईपास) का नवनिर्माण व जर्जर हो चुकी सड़कों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है, ताकि संकरे रास्तों के जाम से ग्रामीणों को मुक्ति मिल सके।

Rural Works Department 1 22Scope News

सूबे की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई धार

इसका सबसे सकारात्मक प्रभाव राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर पड़ेगा। अब ग्रामीणों को अपनी पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल या सीधे जिला मुख्यालय जाने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही संकरे रास्तों का मजबूत विकल्प तैयार होने से व्यावसायिक वाहनों का आवागमन सुगम हो जाएगा और आपातकालीन स्थितियों में एंबुलेंस बिना जाम में फंसे सीधे हाईवे का रास्ता ले सकेगी।

यह भी पढ़े : जल-जीवन-हरियाली : 14.5 हजार से अधिक सरकारी भवनों में लगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग

Saffrn

Trending News

मजदूर दिवस पर न्याय का संदेश : ‘सशक्त मजदूर, सशक्त राष्ट्र’

छपरा : अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर सारण जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DALSA), छपरा द्वारा श्रम...

मोतिहारी के कई थानों की पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा के बाजारों...

मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन शहर के करीब आधा दर्जन दुकानों पर साइबर पुलिस एवं स्थानीय चार थाना की पुलिस ने बड़ी...

चंद्रशेखर सिंह ने IPRD के सचिव का संभाला पदभार

पटना : 2010 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने शुक्रवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के सचिव का...

समस्तीपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लूट की योजना बनाते हुए अवैध...

समस्तीपुर : समस्तीपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। आगामी नौ मार्च को सुबह 11:38 बजे नगर थानान्तर्गत बहादुरपुर वार्ड संख्या-26 स्थित बाबुल इंटरप्राईजेज...

यात्रियों के साथ मारपीट, पथराव व चेन पुलिंग करने वाले सक्रिय...

आरा : दानापुर रेलखंड में ट्रेनों में यात्रियों के साथ मारपीट, पथराव और चेन पुलिंग करने वाले एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए...
Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions
Best Packaging Solution Provider of Jharkhand

Social Media

194,000FansLike
27,500FollowersFollow
628FollowersFollow
695,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img