ग्रामीण सड़कों पर अब सुरक्षा सर्वोपरि, राज्यभर में स्थापित किए जा रहे आधुनिक सड़क सुरक्षा मानक

पटना : बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों और पुलों के निर्माण के साथ-साथ अब सड़क सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पक्की सड़कों के निर्माण के साथ-साथ उन पर आवागमन पूर्णतः सुरक्षित हो। सर्वोच्च न्यायालय और केंद्रीय पथ परिवहन मंत्रालय के सड़क सुरक्षा दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए ग्रामीण कार्य विभाग ने एक सुधारात्मक पहल की है। इसके तहत पूरे राज्य में निर्मित और निर्माणाधीन सभी ग्रामीण सड़कों व पुलों पर सड़क सुरक्षा मानकों को पूर्णतः अनिवार्य कर दिया गया है।

ढांचागत उपायों से न केवल बेलगाम गति वाले वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है

ग्रामीण सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं की आशंकाओं पर अंकुश लगाने और यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिए विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर सुरक्षा अवयवों का अधिष्ठापन किया जा रहा है। अब बिहार के सुदूर गांवों से गुजरने वाली पक्की सड़कों पर भी शहरों की तर्ज पर क्रैश बैरियर, स्टॉप साइन, जेब्रा क्रॉसिंग, स्पीड ब्रेकर, स्पीड लिमिट साइन और जंक्शन अहेड साइन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण सुरक्षा संकेतक अनिवार्य रूप से लगाए जा रहे हैं। इन ढांचागत उपायों से न केवल बेलगाम गति वाले वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है, बल्कि रात के समय या घने कोहरे के दौरान भी वाहन चालकों को सही दिशा-निर्देश प्राप्त हो रहे हैं।

अबतक राज्यभर में 36,495 ऐसे स्थलों को चिन्हित किया गया है

अक्सर यह देखा जाता है कि गांव के स्कूलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्थानीय बाजारों और प्रमुख चौराहों पर सड़क पार करते समय पैदल चलने वाले यात्रियों विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भारी जोखिम का सामना करना पड़ता है। इस संदर्भ में विभाग द्वारा संवेदनशील स्थलों की पहचान कर बड़े पैमाने पर जेब्रा क्रॉसिंग के निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। अबतक राज्यभर में 36,495 ऐसे स्थलों को चिन्हित किया गया है, जहां पैदल आवागमन अधिक रहता है। इनमें से 26,000 से अधिक स्थलों पर जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आमजन के लिए सड़क पार करना अधिक सुरक्षित हो गया है।

गांवों के हाट-बाजारों से लेकर शिक्षण संस्थानों तक ग्रामीण सड़क पर बने ये सुरक्षा चिह्न अब सुरक्षा का नया आधार बन रहे हैं

गांवों के हाट-बाजारों से लेकर शिक्षण संस्थानों तक ग्रामीण सड़क पर बने ये सुरक्षा चिह्न अब सुरक्षा का नया आधार बन रहे हैं। बिहार के गांवों में अब केवल संपर्कता ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के मानकों को भी सुनिश्चित किया जा रहा है। विभाग का यही लक्ष्य है कि राज्य की प्रत्येक ग्रामीण सड़क पर यात्रा न केवल सुगम हो, बल्कि पूर्णतः सुरक्षित भी हो, ताकि हर नागरिक बिना किसी भय के सफर कर सके।

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