रांची में बिना NOC 19 घाटों से बालू खनन जारी, रोज 200 से अधिक ट्रक शहर में प्रवेश, पुलिस की अनदेखी पर सवाल।
Illegal Sand Mining : झारखंड की राजधानी रांची में अवैध बालू खनन और ढुलाई का बड़ा मामला सामने आया है। जिले के 19 बालू घाटों से अब तक एनओसी नहीं दी गई है, इसके बावजूद रोजाना 200 से अधिक बालू लदी गाड़ियां शहर में प्रवेश कर रही हैं। यह पूरा खेल देर रात से सुबह तक खुलेआम चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
Key Highlights
रांची के 19 घाटों से बिना NOC बालू उठाव जारी
रोज 200 से अधिक बालू लदे वाहन शहर में प्रवेश
10 थाना क्षेत्रों से होकर गुजरती हैं गाड़ियां
रात से सुबह तक चलता है खनन और ढुलाई का खेल
पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
Illegal Sand Mining :10 थाना क्षेत्रों से गुजरकर शहर पहुंच रही बालू गाड़ियां
बालू लदे हाइवा और टर्बो ट्रक घाटों से निकलकर शहर तक पहुंचने के लिए करीब 10 थाना क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं। नागफेनी और कारो नदी घाट से निकलने वाली गाड़ियां लापुंग, बेड़ो, नगड़ी, दलादली टीओपी, रातू और पंडरा ओपी होते हुए शहर में प्रवेश करती हैं।
वहीं छापर घाट से बालू ढुलाई पिठौरिया, कांके, बरियातू, बुढ़मू, ठाकुरगांव और रातू थाना क्षेत्र से होकर पंडरा ओपी के रास्ते शहर तक पहुंचती है।
रातभर चलता है खनन और ट्रांसपोर्ट का नेटवर्क
नागफेनी, छापर के अलावा सिल्ली, सोनाहातू और बुंडू स्थित कांची नदी घाटों पर भी देर रात से ही बालू लोडिंग शुरू हो जाती है। हाइवा और ट्रक पहले एक स्थान पर इकट्ठा होते हैं, फिर वहां से बालू ट्रैक्टर में लोड कर अलग-अलग स्थानों तक भेजा जाता है।
यह पूरा नेटवर्क रात से लेकर सुबह 7 बजे तक सक्रिय रहता है, जिससे शहर की सड़कों पर बालू लदे वाहनों का दबाव बना रहता है।
पुलिस की अनदेखी पर उठे सवाल, थानेदारों ने जताई अनभिज्ञता
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही के बावजूद संबंधित थाना प्रभारी इससे अनजान बने हुए हैं। पूछने पर अधिकांश थानेदारों ने यही कहा कि उन्हें बालू गाड़ियों के संचालन की जानकारी नहीं है।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि वरीय अधिकारियों तक को इस गतिविधि की जानकारी है, बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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