Jharkhand: भाजपा नेता एवं सांसद प्रतिनिधि Dhananjay Kumar Putush ने महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष के विरोध को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे नारी सशक्तिकरण के मार्ग में एक गंभीर बाधा करार दिया है। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने के उद्देश्य से लाया गया यह ऐतिहासिक विधेयक, विपक्ष के गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण पारित नहीं हो सका, जो लोकतंत्र और महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है।
महिला आरक्षण बिल केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के सपनों को साकार करने का माध्यम है
पुटूस ने अपने वक्तव्य में कहा कि महिला आरक्षण बिल केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के सपनों को साकार करने का माध्यम है। यह विधेयक संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर उन्हें निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भूमिका देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था। लेकिन विपक्ष ने अपनी संकीर्ण और अवसरवादी राजनीति के चलते इस महत्वपूर्ण पहल को बाधित किया।
आज भारतीय महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं चाहे वह प्रशासनिक सेवा हो, शिक्षा का क्षेत्र हो, सेना हो या राजनीति
उन्होंने आगे कहा कि आज भारतीय महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं चाहे वह प्रशासनिक सेवा हो, शिक्षा का क्षेत्र हो, सेना हो या राजनीति। ऐसे समय में महिला आरक्षण बिल का विरोध करना यह स्पष्ट करता है कि विपक्ष महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीर नहीं है, बल्कि वह केवल अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति में लगा हुआ है।
विपक्ष का असली चेहरा सामने आ जाता है
पुटूस ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब-जब देश में महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल की जाती है, विपक्ष का असली चेहरा सामने आ जाता है। यह देश की माताओं और बहनों के सम्मान के खिलाफ है और जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी।


















