तरारी (भोजपुर) : भोजपुर जिले के तरारी पनवारी ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपए की लागत से निर्मित कूड़ा प्रबंधन केंद्र निष्क्रिय पड़ा है। गांव को स्वच्छ बनाने और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के उद्देश्य से बना यह केंद्र अब केवल एक शोपीस बनकर रह गया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र पर न तो नियमित सफाई होती है और न ही कचरा पृथक्करण की कोई व्यवस्था है। पिछले कई महीनों से यह केंद्र आधा अधूरा बन कर तैयार पड़ा है।
केंद्र के संचालन के लिए बजट और संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद गांव को इसका लाभ क्यों नहीं मिल पा रहा है – ग्रामीण
केंद्र के निष्क्रिय होने के कारण गांव का कचरा आहर, सड़कों और खाली पड़ी जमीनों पर फेंका जा रहा है। इससे गंदगी फैलने के साथ-साथ दुर्गंध और मच्छरों के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। गांव की नालियां भी सड़कों पर बह रही हैं, जिससे स्थिति और खराब हो रही है। ग्रामीणों धनजी यादव, अमरेंद्र सिंह, विकास कुमार, धमेंद्र कुमार और रवि सिंह ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि केंद्र के संचालन के लिए बजट और संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद गांव को इसका लाभ क्यों नहीं मिल पा रहा है।

पूरे मामले ने पंचायत की कार्य प्रणाली पर सवाल कर खड़े कर दिए है
इस पूरे मामले ने पंचायत की कार्य प्रणाली पर सवाल कर खड़े कर दिए है। ग्रामीणों ने मांग की है की कूड़ा प्रबंधन केन्द्र को जल्द से जल्द सक्रिय किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि गांव में स्वच्छता सुनिश्चित हो सके। प्रखंड विकास पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि कूड़ा प्रबंधन केंद्र का संचालन जल्द ही शुरू किया जाएगा ओर गांव में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।

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नेहा गुप्ता की रिपोर्ट
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