Ramgarh Lightning Tragedy: सीएम हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में वज्रपात से 26 मवेशियों की मौत

 रामगढ़ के नेमरा गांव में तेज वज्रपात से 26 मवेशियों की दर्दनाक मौत। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव में किसानों पर टूटा आर्थिक संकट।


Ramgarh Lightning Tragedy रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा गांव में मंगलवार शाम हुई भीषण वज्रपात की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज आंधी, तूफान और बारिश के बीच गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 26 मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद गांव में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। मृत मवेशियों के मालिकों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बताया जा रहा है कि बारिश से बचने के लिए सभी मवेशी गांव के पास स्थित एक महुआ पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ अचानक वज्रपात हुआ और मौके पर ही सभी मवेशियों की मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग भी दहशत में आ गए।


Key Highlights

  • रामगढ़ के नेमरा गांव में वज्रपात से 26 मवेशियों की मौत

  • महुआ पेड़ के नीचे खड़े थे सभी मवेशी

  • तेज आंधी, तूफान और बारिश के दौरान हुई घटना

  • कई किसानों की आजीविका पर मंडराया संकट

  • ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की


Ramgarh Lightning Tragedy: महुआ पेड़ के नीचे खड़े थे मवेशी, एक झटके में चली गई जान

ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार शाम मौसम अचानक खराब हो गया था। तेज हवाओं और बारिश के बीच ग्रामीण अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। कई मवेशी पास के महुआ पेड़ के नीचे खड़े थे। तभी जोरदार बिजली गिरी और सभी मवेशी जमीन पर गिर पड़े।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पहुंचे। पेड़ के नीचे एक साथ इतने मवेशियों के शव देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। इस प्राकृतिक आपदा ने गांव के कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

Ramgarh Lightning Tragedy: किसानों के सामने खड़ा हुआ आर्थिक संकट

इस हादसे में नकुल बेसरा के 3, जागरण सोरेन के 2, सहदेव किस्कू के 2, बिरजू सोरेन के 1, केशव टुडू के 2, विजय किस्कू के 2, उमेश किस्कू के 1, जीतराम मुर्मू के 1, बिगन टुडू के 2, महेंद्र टुडू के 2, मोहन किस्कू के 2, करमचंद टुडू के 2 तथा मनसा किस्कू के 2 मवेशियों की मौत हुई है। इसके अलावा अन्य किसानों के भी मवेशी मारे गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव के अधिकांश परिवार खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। ऐसे में एक साथ इतने मवेशियों की मौत ने प्रभावित किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। कई परिवारों के लिए यही मवेशी आय और खेती का मुख्य सहारा थे।

Ramgarh Lightning Tragedy: प्रशासन से मुआवजे और राहत सहायता की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रभावित किसानों को जल्द आर्थिक सहायता नहीं मिली तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट गहरा सकता है।

बताया गया कि नेमरा गांव झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren का पैतृक गांव है। घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के गांवों से भी लोग नेमरा पहुंचने लगे। ग्रामीणों ने सरकार से पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।

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