CISF Illegal Coal Seizure RTI: RTI (सूचना का अधिकार) एक्ट के तहत मिली जानकारी से अवैध कोयला खनन के खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़ी अहम बातें सामने आई हैं। कटरास (बाघमारा) के सामाजिक कार्यकर्ता और BIADA के पूर्व चेयरमैन विजय झा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि BCCL और CISF ने जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाए।
RTI के जवाब में सामने आए आंकड़े
विजय झा के मुताबिक, कोल भवन, CISF और DGMS से RTI के ज़रिए जानकारी मांगी गई थी। BCCL के जनरल मैनेजर (सिक्योरिटी) से मिली जानकारी से पता चलता है कि इस दौरान BCCL और CISF ने अलग-अलग इलाकों में 856 बार छापेमारी की। इन ऑपरेशन्स के दौरान लगभग 15,000 टन अवैध कोयला ज़ब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹12 करोड़ है।
आंकड़ों पर उठाए कई सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विजय झा ने कहा कि अगर कार्रवाई के बाद भी इतनी बड़ी मात्रा में अवैध कोयला बरामद हो रहा है, तो सवाल उठता है कि इन ऑपरेशन्स से पहले अवैध खनन का असल पैमाना क्या रहा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले सालों के आंकड़ों का विश्लेषण करना ज़रूरी है।
ज़मीन धंसने और सुरक्षा को लेकर चिंता
छताबाद समेत कोयला बेल्ट के कई इलाकों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अवैध खनन की वजह से कई बस्तियों में ज़मीन धंसने का लगातार खतरा बना रहता है। उन्होंने तर्क दिया कि अगर अवैध खनन को प्रभावी ढंग से नहीं रोका गया, तो आम जनता, जल स्रोतों और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ सकता है।
जियोलॉजिकल सर्वे की मांग
विजय झा ने बताया कि उन्होंने DGMS को पत्र लिखकर कोयला बेल्ट इलाके का व्यापक जियोलॉजिकल सर्वे कराने की मांग की है। उनका मानना है कि इससे ज़मीन के नीचे लगी आग, खनन के बाद बैकफिलिंग (गड्ढे भरने) के काम और संवेदनशील इलाकों की असल स्थिति साफ हो जाएगी। उन्होंने अवैध खनन को रोकने के लिए संबंधित एजेंसियों द्वारा मिलकर और प्रभावी कार्रवाई करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।
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