रांची में सामान्य से 15% कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 14-15 जुलाई को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जानें अगले सप्ताह का पूरा मौसम अपडेट।
Jharkhand Weather रांची: राजधानी रांची में शुक्रवार को रुक-रुक कर हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया। हालांकि बारिश के बावजूद शहर में अब भी सामान्य से 15 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले सप्ताह बारिश की रफ्तार तेज होने की संभावना है और 14 से 15 जुलाई के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
Jharkhand Weather: रांची में सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार रांची में 10 जुलाई तक सामान्य रूप से 296.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि केवल 252.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इससे शहर में बारिश की कमी बढ़कर 15 प्रतिशत हो गई। उल्लेखनीय है कि 8 जुलाई तक यह कमी केवल 5 प्रतिशत थी, लेकिन पिछले दो दिनों में अपेक्षाकृत कम बारिश होने से यह अंतर बढ़ गया।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले सप्ताह होने वाली बारिश से इस कमी की भरपाई होने की उम्मीद है।
Key Highlights:
रांची में अब तक सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई।
14 और 15 जुलाई के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी।
11 से 13 जुलाई तक हल्की बारिश और बादल छाए रहने का अनुमान।
राज्य के कई जिलों में अगले सप्ताह भारी बारिश की संभावना।
देशभर में असमान मानसून से खरीफ बुआई 21 प्रतिशत तक पिछड़ी।
Jharkhand Weather: 14-15 जुलाई को भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 11 से 13 जुलाई तक रांची सहित कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश होगी। इसके बाद 14 और 15 जुलाई को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 और 16 जुलाई को भी एक-दो दौर की हल्की बारिश होने की संभावना है। अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में खास बदलाव नहीं होगा, जबकि उसके बाद तापमान में गिरावट आने का अनुमान है।
13 और 14 जुलाई को गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, जामताड़ा, धनबाद, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश की संभावना है।
14 और 15 जुलाई को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, हजारीबाग, कोडरमा, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह समेत 15 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।
Jharkhand Weather: देशभर में असमान मानसून से खरीफ बुआई प्रभावित
राष्ट्रीय स्तर पर जून में कमजोर शुरुआत के बाद जुलाई में मानसून ने तेजी पकड़ी है। इससे देश में औसत वर्षा की कमी 40 प्रतिशत से घटकर 15 प्रतिशत रह गई है। इसके बावजूद बारिश का असमान वितरण कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
मौसम विभाग की निगरानी वाले 738 जिलों में से 377 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें करीब 100 जिले पूरी तरह वर्षा आधारित खेती पर निर्भर हैं। यही कारण है कि पिछले वर्ष की तुलना में खरीफ फसलों की बुआई 21 प्रतिशत तक पीछे चल रही है।
फसलवार आंकड़ों के अनुसार धान की बुआई 13 प्रतिशत, दालों की 22 प्रतिशत, कपास की 23 प्रतिशत और तिलहन की बुआई 39 प्रतिशत तक कम हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जुलाई के दूसरे पखवाड़े में भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो कृषि उत्पादन और खाद्य महंगाई दोनों पर असर पड़ सकता है।
Jharkhand Weather: अन्य राज्यों में भी बारिश का असर
उत्तराखंड में भूस्खलन के कारण उत्तरकाशी के पास यमुनोत्री हाईवे का लगभग 100 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और सोलन जिलों में भारी बारिश के कारण स्कूल बंद कर दिए गए हैं और बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। वहीं त्रिपुरा में मनु नदी के उफान से तीन जिले प्रभावित हुए हैं, जहां 11 हजार से अधिक लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
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