पटना : ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों की समस्या समाधान के लिए लगने वाले सहयोग शिविर का आगाज मंगलवार से होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा के बाद पहली बार इसकी शुरुआत 19 मई से हो रही है। शिविर में अलग-अलग विभागों के नोडल पदाधिकारी प्राप्त आवेदनों पर सुनवाई करेंगे और त्वरित निदान देंगे। जन शिकायतों के निपटारे में अगर किसी तरह की अड़चन आती है, तो पदाधिकारी आवेदक को समस्या समाधान करने के लिए लिखित में अगली तिथि का निर्धारण करते हुए समुचित सूचना देंगे।
शिविर में अलग-अलग विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे
इस महती पहल के तहत जन शिकायतों के निस्तारण में ग्राम पंचायतों में पहले से चल रहे सोमवार एवं शुक्रवार के कार्यक्रम से इतर प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत सरकार भवन या उसके निकट किसी सार्वजनिक स्थल पर सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में अलग-अलग विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।
ग्राम पंचायतों में शिविर की संख्या क्रमवार निर्धारित करने की जिम्मेदारी जिला पदाधिकारी को दी गई है
ग्राम पंचायतों में शिविर की संख्या क्रमवार निर्धारित करने की जिम्मेदारी जिला पदाधिकारी को दी गई है। शिविर में फरियाद लेकर पहुंचने वाले लोगों को पीने का पानी, शौचालय, ससम्मान बैठने आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। सहयोग शिविर से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए लोग सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक हेल्पलाइन नंबर 1100 पर फोन कर सकते हैं।
सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, जन शिकायत संबंधी आवेदन देने की प्रक्रिया 30 दिन पहले से ही शुरू हो जाएगी
सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, जन शिकायत संबंधी आवेदन देने की प्रक्रिया 30 दिन पहले से ही शुरू हो जाएगी। शिविर के दिन भी आवेदन दिया जा सकेगा। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार संबंधित विभाग को जन शिकायत का निपटारा 30 दिन के अंदर करना होगा। अगर किसी कारण से विलंब होता है तो फरियादी के शिविर में पहुंचने पर इसकी लिखित सूचना देनी होगी। लोगों से प्राप्त होने वाले आवेदनों का रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम से मुख्यमंत्री सचिवालय स्तर पर निगरानी की जाएगी। इसके लिए सहयोग पोर्टल का सहारा लिया जाएगा। इस निगरानी के दौरान लोगों की समस्या समाधान में अनियमितता बरतने वाले पदाधिकारी और कर्माचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
3 प्रखंडों में होगी प्रभारी मंत्री और सचिव की सहभागिता
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा की ओर से सभी जिलों में प्रभारी मंत्री के आप्त सचिव और प्रभारी सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सहयोग शिविर के पहले दिन प्रभारी मंत्रियों की सहभागिता अपेक्षित है। इसके तहत प्रभारी मंत्री कम से कम तीन प्रखंडों के सहयोग शिविरों में भाग लेंगे। यहां आयोजित होने वाली जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री शामिल होंगे। दूसरी ओर, विशेष सचिव की ओर से सभी जिलों के प्रभारी सचिव को भी एक पत्र जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि वह अपने-अपने प्रभार वाले जिलों के सहयोग शिविर में सहभागिता करेंगे और इस दौरान कम से कम तीन प्रखंडों के शिविरों का दौरा करेंगे।
पटना में 57 नोडल अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति
राजधानी पटना से संबंधित ग्रामीण क्षेत्र में लोगों की त्वरित समस्या समाधान और सहयोग शिविर की सफलता के लिहाज से जिलाधिकारी ने सहयोग सेल का गठन किया है। इस सहयोग सेल में 57 नोडल अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया है। पहले दिन पटना के विभिन्न प्रखंडों के तहत 40 पंचायतों में शिविर लगाया जाएगा। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले प्रत्येक शिविर में 19 विभागों के काउंटर और स्टॉल होंगे। शिविर संचालन की व्यवस्था व आवश्यक कार्रवाई संबंधित प्रखण्ड विकास पदाधिकारी अपने स्तर से करेंगे।
‘सहयोग शिविर में अधिक-से-अधिक संख्या में पहुंचें और अपनी समस्या का समाधान पाएं’
सभी सहयोग शिविर में अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अंचल अधिकारी स्तर के पदाधिकारी अपने न्यायालय में लम्बित एवं निष्पादित वादों/मामलों की सूची का प्रदर्शन कराने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे, जिससे उपस्थित लोगों को लम्बित व निष्पादित मामलों की जानकारी सहज ढंग से उपलब्ध हो सके। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वह सहयोग शिविर में अधिक-से-अधिक संख्या में पहुंचें और अपनी समस्या का समाधान पाएं।
सहयोग शिविर में इन समस्याओं का होगा निपटारा
1. राशन, पेंशन, आवास, मनरेगा आदि।
2. भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, सीमांकन आदि।
3. जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र आदि।
4. बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि।
5. किसी भी सरकारी योजना से संबंधित समस्या/शिकायत/सुझाव आदि।
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