पटना : मस्तिष्क ज्वर (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम-एईएस) एवं चमकी बुखार के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से आज स्वास्थ्य भवन, शेखपुरा परिसर से बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि द्वारा 12 जागरूकता प्रचार-प्रसार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
ये 12 जागरूकता प्रचार-प्रसार वाहन राज्य के एईएस से सर्वाधिक प्रभावित 12 जिलों का दौरा करेगी – स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि ये 12 जागरूकता प्रचार-प्रसार वाहन राज्य के एईएस से सर्वाधिक प्रभावित 12 जिलों का दौरा करेगी। जिसमें पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, सारण, सिवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी एवं शिवहर में प्रमुख चौक-चौराहों, गली-मोहल्लों, नुक्कड़ों, बाजारों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को मस्तिष्क ज्वर के लक्षणों, बचाव के उपायों और समय पर उपचार के महत्व के संबंध में जागरूक करेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- मस्तिष्क ज्वर के प्रभावी नियंत्रण एवं बेहतर उपचार के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मस्तिष्क ज्वर के प्रभावी नियंत्रण एवं बेहतर उपचार के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि एईएस से अत्यधिक प्रभावित जिलों में 10-10 बेड वाले पीआईसीयू वार्ड स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त मुजफ्फरपुर स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में 100 बेड वाले अत्याधुनिक पीआईसीयू वार्ड की व्यवस्था की गई है, ताकि गंभीर रूप से प्रभावित बच्चों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सके। अत्यधिक प्रभावित 15 जिलों के अतिरिक्त राज्य के अन्य सभी जिला अस्पतालों में पांच-पांच व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में दो-दो डेडिकेटेड बेड मस्तिष्क ज्वर के मरीजों के लिए आरक्षित रखे गए हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

जागरूकता अभियान की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रचार-प्रसार वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग की जाएगी – स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि
स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने कहा कि जागरूकता अभियान की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रचार-प्रसार वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि ये वाहन प्रभावित जिलों के प्रमुख चौक-चौराहों, गली-मोहल्लों, नुक्कड़ों, ग्रामीण क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाकर लोगों को मस्तिष्क ज्वर/चमकी बुखार से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करेंगे।

जन-जागरूकता के माध्यम से ही इस बीमारी की रोकथाम पर नियंत्रण किया जा सकता है – स्वास्थ्य मंत्री
उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता के माध्यम से ही इस बीमारी की रोकथाम पर नियंत्रण किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को बच्चों को समय पर भोजन कराने, अत्यधिक गर्मी एवं धूप से बचाने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में उपचार कराने के लिए प्रेरित कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग आमजन से अपील करता है कि मस्तिष्क ज्वर के प्रति सतर्क रहें, स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करें और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें।

मंत्री निशांत कुमार के साथ कई वरीय अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर अमित कुमार पांडेय, कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति कुमार गौरव, अपर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, डॉ. अनुपमा सिंह, अपर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव कौशलेंद्र कुमार, राजेश कुमार, प्रशासी पदाधिकारी, राज्य स्वास्थ्य समिति के साथ स्वास्थ्य विभाग और राज्य स्वास्थ्य समिति के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहें।
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