Domchanch CO Corruption Protest: डोमचांच अंचल में ज़मीन के रिकॉर्ड (जमाबंदी) और ज़मीन से जुड़े मामलों में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के विरोध में स्थानीय लोगों ने मंगलवार को ‘जन आक्रोश’ रैली निकाली। बाद में यह रैली अंचल कार्यालय के बाहर धरने में बदल गई। अंचल प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।
कालीमांडा से शुरू हुई रैली अंचल कार्यालय पहुंची
‘जन आक्रोश’ रैली डोमचांच के कालीमांडा से शुरू हुई। यह शहीद चौक, डोमचांच थाना और सीएम हाई स्कूल से होते हुए ब्लॉक-सह-अंचल कार्यालय पहुंची। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने बैनर और पोस्टर लेकर हिस्सा लिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान अंचल कार्यालय के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
अंचल अधिकारी (CO) पर कई आरोप
प्रदर्शन में शामिल स्थानीय निवासी विजय सिंह ने आरोप लगाया कि डोमचांच अंचल में ज़मीन से जुड़े मामलों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अंचल अधिकारी (CO) रवींद्र पांडे जमाबंदी (ज़मीन के रिकॉर्ड का रखरखाव) और ‘रजिस्टर-II’ से नाम जोड़ने या हटाने जैसे कामों में गड़बड़ी कर रहे हैं, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है।
ज़मीन के लंबित विवाद का ज़िक्र
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ज़मीन के एक खास प्लॉट की जमाबंदी की प्रक्रिया तब पूरी की गई, जब उससे जुड़ा मामला DCLR (डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स) के पास लंबित था। कई अन्य लोगों ने भी ज़मीन से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने इन मुद्दों की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की।
दिन भर चला विरोध प्रदर्शन
अंचल कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया जो दिन भर चलता रहा। उन्होंने मांग की कि प्रशासन ज़मीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करे और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराए। विरोध प्रदर्शन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात किए गए थे।
प्रशासनिक कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया।
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