GGSESTC Bokaro Foundation Day: चास स्थित इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेज, गुरु गोबिंद सिंह एजुकेशनल सोसाइटी टेक्निकल कैंपस (GGSESTC) का 16वां स्थापना दिवस सोमवार को उत्साह, गरिमा और सांस्कृतिक जोश के साथ मनाया गया। दो चरणों में आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ “काव्य स्पंदन” नाम का एक साहित्यिक कार्यक्रम भी हुआ, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। संस्थान के पदाधिकारियों, फैकल्टी, छात्रों और मेहमानों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ स्थापना दिवस की शुरुआत
समारोह के पहले चरण का संचालन BBA के पांचवें सेमेस्टर की छात्रा साहिबा अकरम ने किया। अपने संबोधन में संस्थान के डायरेक्टर डॉ. प्रियदर्शी जारुहार ने संस्थान की 16 साल की शैक्षणिक यात्रा, उसकी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। इसके बाद प्रो. डॉ. ए.पी. बनवाल ने शबद-वाणी का पाठ किया और अरदास (प्रार्थना) के साथ समापन हुआ। संस्थान के सचिव सुरेंद्र पाल सिंह ने छात्रों से अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता की चाह के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया। वहीं, चेयरमैन तरसेम सिंह ने संस्थान में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को और मजबूत करने का संकल्प जताया। संस्थान के कोषाध्यक्ष जसपाल सिंह भी मौजूद थे और उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दीं। पहले चरण का समापन प्रो. शहनाज फरहीन के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
साहित्यिक कार्यक्रम ‘काव्य स्पंदन’ मुख्य आकर्षण रहा
स्थापना दिवस समारोह के दूसरे चरण में “काव्य स्पंदन” कार्यक्रम हुआ, जिसने ऑडिटोरियम में एक समृद्ध साहित्यिक माहौल बना दिया। डायरेक्टर डॉ. प्रियदर्शी जारुहार ने कविता और साहित्य की सामाजिक भूमिका पर अपने विचार रखे, जबकि सचिव सुरेंद्र पाल सिंह ने भाषा और साहित्य को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन मशहूर गजल कवि सुशील साहिल ने किया। इस कवि सम्मेलन के दौरान, कवियों रीना यादव (बोकारो), बसंत जोशी (धनबाद), नितेश मिश्रा (रांची) और सुशील साहिल (कोलकाता) ने हास्य कविताओं, मधुर गीतों, गज़लों और जोश भरी कविताओं की शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छात्रा पलक कुमारी के परफॉर्मेंस की तारीफ़ इंस्टिट्यूट के CSE डिपार्टमेंट की छात्रा पलक कुमारी ने अपनी लिखी कविता से खूब तालियां बटोरीं। उन्होंने कविता गोष्ठी (poetry symposium) को होस्ट करने में भी शानदार भूमिका निभाई, जिसकी दर्शकों ने बहुत तारीफ़ की।

300 से ज़्यादा लोगों की भागीदारी
कार्यक्रम के आखिर में, एडवोकेट पल्लवी प्रसाद ने सभी मेहमानों, कवियों और शामिल लोगों का शुक्रिया अदा किया। इस समारोह में इंस्टिट्यूट के 300 से ज़्यादा फैकल्टी मेंबर, छात्र और स्टाफ़ शामिल हुए। इस मौके पर बोलते हुए, पवन कुमार (DGM, BSL) और ‘काव्य स्पंदन’ के शुरू करने वाले ने कहा कि शिक्षा, आध्यात्मिकता, साहित्य और प्रेरणा से भरपूर यह कार्यक्रम इंस्टिट्यूट के इतिहास में एक यादगार अध्याय के तौर पर दर्ज होगा।

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