राज्य के 13 महाविद्यालयों में 2026-27 से शुरू होगी रोजगार परक शिक्षा

पटना : राज्य के चार विश्वविद्यालयों के 13 महाविद्यालयों में रोजगार परक शिक्षा (AEDP) होने जा रही है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चुनिंदा कॉलेजों में इसकी शुरुआत हो जाएगी। लोकभवन में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित बैठक में इस पर सहमति बनी। साथ ही हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर रिसर्च इन स्किम्स एंड पॉलिसीज (CRISP) के साथ एक महत्वरपूर्ण सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया। इस अहम बैठक के बाद सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी गई।

इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू कर दिया गया है – CRISP के संस्थापक सदस्य आरएस जुलानिया

इस वार्ता में सीआरआईएसपी के संस्थापक सदस्य आरएस जुलानिया ने कहा कि इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू कर दिया गया है। एईडीपी एक चार वर्षीय स्नातक स्तरीय शैक्षणिक कार्यक्रम है, जिसमें 75 प्रतिशत अकादमिक ज्ञान और 25 प्रतिशत उद्योग विशिष्ट कौशल को समाहित है। इसकी महत्वपूर्ण विशेषता तृतीय वर्ष में स्टाइपेंड के साथ अनिवार्य अप्रेंटिसशिप है। छात्रों को अप्रेंटिसशिप के दौरान 12 हजार 300 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड देने का प्रावधान है। इस कार्यक्रम की सबसे आकर्षक विशेषता इसका ‘प्री-प्लेसमेंट’ स्वरूप है। जिस उद्योग में छात्र अप्रेंटिसशिप पूरा करेंगे, वहीं उन्हें रोजगार का प्राथमिकता प्राप्त अवसर मिल सकेगा। यह ‘अर्न व्हाइल यू लर्न’ का बेहतरीन मॉडल है।

बैठक में CRISP के बिहार स्टेट लीड वैद्यनाथ यादव ने कार्यक्रम की तकनीकी व शैक्षणिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला

बैठक में सीआरआईएसपी के बिहार स्टेट लीड वैद्यनाथ यादव ने कार्यक्रम की तकनीकी एवं शैक्षणिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के बोर्ड ऑफ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के साथ छात्रों के स्टाइपेंड सुनिश्चित करने के लिए समझौता ज्ञापन भी हो चुका है। जिन विश्वविद्यालयों में कोर्स की शुरुआत हो रही है, उसमें पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अलावा मुजफ्फरपुर के बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, भागलपुर स्थित तिलका मांझी विश्वविद्यालय और दरभंगा के मिथिला विश्वविद्यालय के चुनिंदा 13 कॉलेजों में कुछ विशेष तरह के कोर्सों की शुरुआत की जाएगी।

पहले चरण में इन कॉलेजों में होगी इन कोर्स की शुरुआत

पहले चरण में विज्ञान संकाय के तहत इसकी शुरुआत जिन कॉलेजों में होने जा रही है, उसमें पटना स्थित कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस और बीएन कॉलेज में बीएससी डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स, मगध महिला कॉलेज में बीएससी हेल्थकेयर मैनेजमेंट कोर्स की शुरुआत की जाएगी। इसी तरह वाणिज्य संकाय के अंतर्गत पटना के गंगा देवी महिला महाविद्यालय, जेडी वीमेंस कॉलेज, लक्ष्मी नारायण दुबे कॉलेज, राम सकल सिंह साइंस कॉलेज, राज नारायण कॉलेज में बीकॉम बीएफएसआई कोर्स की शुरुआत होगी। जेडी विमेंस कॉलेज, लक्ष्मी नारायण दुबे कॉलेज, राम सकल सिंह साइंस कॉलेज, भागलपुर नेशनल कॉलेज में बीकॉम में रिटेल ऑपरेशंस के तहत नामांकन होगा। राज नारायण कॉलेज एवं भागलपुर नेशनल कॉलेज में बीकॉम ई-कॉमर्स कोर्स की शुरुआत की जाएगी। जबकि, कला संकाय में लक्ष्मी नारायण दुबे कॉलेज में बीए कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग के लिए होगा। इसके अलावा मिथिला विश्वविद्यालय अंतर्गत सीएम कॉलेज दरभंगा, आरबी कॉलेज दलसिंगसराय, बीआरबी कॉलेज समस्तीपुर, यूपी कॉलेज पूर्णिया आदि में भी संबंधित पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है।

यूजीसी और नई शिक्षा नीति के अनुरूप होगा पाठ्यक्रम

यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और नई शिक्षा नीति 2020 के दिशानिर्देशों के अनुरूप है। एइडीपी डिग्री को किसी भी अन्य नियमित स्नातक डिग्री (बीए, बी.कॉम, बी.एससी) के समान मान्यता प्राप्त होगी। छात्र इसके बाद प्रतियोगी परीक्षाओं तथा उच्च शिक्षा (पोस्ट ग्रेजुएशन/पीएचडी) के लिए पूर्ण रूप से योग्य होंगे। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह पहल पारंपरिक शिक्षा को रोजगारपरक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे बिहार के सकल नामांकन अनुपात में सुधार की उम्मीद है। वर्तमान में राज्य का जीईआर राष्ट्रीय औसत से नीचे है।

AEDP छात्रों को डिग्री के साथ कौशल, व्यावहारिक अनुभव और रोजगार की सुरक्षा प्रदान करेगा, जिससे अन्य राज्यों की ओर पलायन भी कम होगा

एईडीपी छात्रों को डिग्री के साथ कौशल, व्यावहारिक अनुभव और रोजगार की सुरक्षा प्रदान करेगा, जिससे अन्य राज्यों की ओर पलायन भी कम होगा। ऑनलाइन आवेदन वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए आमंत्रित किए जा रहे हैं। इस बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, बीआरएबी विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर, तिलका मांझी विश्वविद्यालय भागलपुर और मिथिला विश्वविद्यालय के कुलसचिव व 13 महाविद्यालयों के प्राचार्य और एईडीपी कोऑर्डिनेटर शामिल हुए।

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