बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के वैज्ञानिकों की बड़ी सफलता, आम की गुठली से बना बायोडिग्रेडेबल हाइड्रोजेल

भागलपुर : आपने कहावत सुनी होगी, ‘आम के आम, गुठलियों के दाम’। अब यह कहावत हकीकत बनती नजर आ रही है। बिहार के भागलपुर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) सबौर के वैज्ञानिकों ने आम की गुठली से बायोडिग्रेडेबल हाइड्रोजेल तैयार कर एक नई उपलब्धि हासिल की है। यह हाइड्रोजेल खेती में पानी के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ फलों की पैकेजिंग में भी उपयोगी साबित हो सकता है। खास बात यह है कि इस तकनीक को बिहार सरकार से पेटेंट भी मिल चुका है।

विश्वविद्यालय में ‘एक वैज्ञानिक-एक उत्पाद’ अभियान के तहत इस शोध की शुरुआत की गई – वैज्ञानिक डॉ. साजिदा बानो

बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर की वैज्ञानिक डॉ. साजिदा बानो ने बताया कि विश्वविद्यालय में ‘एक वैज्ञानिक-एक उत्पाद’ अभियान के तहत इस शोध की शुरुआत की गई। विश्वविद्यालय में आम का जूस बनाने के बाद बड़ी मात्रा में गुठलियां बेकार फेंक दी जाती थीं। इन्हीं गुठलियों का उपयोग करने का विचार आया और करीब एक वर्ष तक लगातार शोध के बाद सफलता मिली। हाइड्रोजेल बनाने की प्रक्रिया में पहले आम की गुठलियों को अच्छी तरह धोकर सुखाया गया। इसके बाद उन्हें पाउडर के रूप में तैयार कर विशेष प्रक्रिया से बायोडिग्रेडेबल हाइड्रोजेल बनाया गया। यह जेल अपने वजन से लगभग 400 से 500 गुना अधिक पानी सोखकर लंबे समय तक सुरक्षित रख सकता है।

Biodegradable Hydrogel 2 22Scope News

Biodegradable Hydrogel 4 22Scope News

Biodegradable Hydrogel 5 22Scope News

 

इस हाइड्रोजेल को पौधों की जड़ों के पास डालने पर यह सिंचाई या बारिश का पानी अपने अंदर संग्रहित कर लेता है – वैज्ञानिक

वैज्ञानिकों के अनुसार, इस हाइड्रोजेल को पौधों की जड़ों के पास डालने पर यह सिंचाई या बारिश का पानी अपने अंदर संग्रहित कर लेता है। जब मिट्टी सूखने लगती है, तब यह धीरे-धीरे पानी छोड़कर पौधों को लगातार नमी उपलब्ध कराता है। इससे सिंचाई की आवश्यकता कम होगी और सूखे प्रभावित क्षेत्रों में खेती को बड़ा सहारा मिलेगा। इतना ही नहीं, फलों की पैकेजिंग के दौरान नमी बनाए रखने के लिए जहां अब तक रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया जाता है, वहां भी यह प्राकृतिक और बायोडिग्रेडेबल हाइड्रोजेल बेहतर विकल्प बन सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तकनीक किसानों की लागत घटाने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Biodegradable Hydrogel 7 22Scope News

Biodegradable Hydrogel 6 22Scope News

Biodegradable Hydrogel 3 22Scope News

यह भी पढ़े : बांकीपुर उपुचनाव : अभिषेक सिन्हा ने किया नामांकन, NDA के कई बड़े नेता रहे मौजूद

राजीव रंजन की रिपोर्ट

Jharkhand Property Tax: एजेंसियां हटने के बाद नगर निकायों में टैक्स...

 झारखंड में राजस्व संग्रह एजेंसियों का करार खत्म होने के बाद प्रॉपर्टी टैक्स, वाटर यूजर चार्ज और ट्रेड लाइसेंस फीस की वसूली प्रभावित हुई...

JPSC Scam: 500 अभ्यर्थियों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े के संकेत, CID...

 झारखंड JPSC परीक्षा धांधली मामले में CID करीब डेढ़ दर्जन सफल अभ्यर्थियों की Money Trail खंगाल रही है। जांच में 500 नियुक्तियों में फर्जीवाड़े...

CTET 2026: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद परीक्षा स्थगित, आवेदन...

 CBSE ने CTET 2026 के 22वें संस्करण को फिलहाल स्थगित कर दिया है। पात्र अभ्यर्थियों के लिए आवेदन विंडो 25 अगस्त से 1 सितंबर...