धनबाद के चर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में 15 साल बाद अदालत का फैसला आया। एमपी-एमएलए कोर्ट ने 28 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
Dhanbad Matkuria Firing Case धनबाद: धनबाद के बहुचर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में 15 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। धनबाद एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने मामले के सभी 28 नामजद आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास और प्रत्येक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
Dhanbad Matkuria Firing Case: 15 साल चली सुनवाई, अब आया फैसला
मटकुरिया गोलीकांड मामले की सुनवाई करीब 15 वर्षों तक चली। लंबी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने फैसले के लिए 10 जुलाई की तिथि निर्धारित की थी। शुक्रवार को दो आरोपियों को छोड़कर सभी अभियुक्त अदालत में उपस्थित हुए। अदालत ने सभी 28 आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
Key Highlights:
मटकुरिया गोलीकांड में 15 वर्ष बाद अदालत ने सुनाया फैसला।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने 28 नामजद आरोपियों को दोषी ठहराया।
सभी दोषियों को तीन वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा।
अपील दायर करने के लिए 30 दिन की औपबंधिक जमानत दी गई।
दो आरोपियों के अनुपस्थित रहने पर गिरफ्तारी वारंट जारी।
Dhanbad Matkuria Firing Case: अपील के लिए 30 दिन की औपबंधिक जमानत
सजा सुनाने के साथ ही अदालत ने सभी दोषियों को उच्च अदालत में अपील दायर करने के लिए 30 दिनों की औपबंधिक जमानत प्रदान की। इस अवधि के दौरान दोषी अपील दाखिल कर सकते हैं।
सुनवाई के दौरान विनोद सिंह उर्फ पप्पू सिंह और अजय कुमार राउत अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने दोनों का बंधपत्र रद्द कर दिया और उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी करने का आदेश दिया।
Dhanbad Matkuria Firing Case: पूर्व विधायक मन्नान मल्लिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुए शामिल
मामले में पूर्व विधायक मन्नान मल्लिक और उनके पुत्र हुबान मल्लिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए। उनके अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि दोनों फिलहाल उपचाररत हैं, इसलिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके।
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