झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के 86 गांव मलेरिया रेड जोन में शामिल। मिशन उदय M 2.0 में 700 पीएफ मरीज मिले, 352 संक्रमितों में कोई लक्षण नहीं। पूर्वी सिंहभूम में 7 मौतें।
Jharkhand Malaria Alert जमशेदपुर/चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में ब्रेन मलेरिया का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले के 86 गांवों को मलेरिया का रेड जोन घोषित किया गया है। सबसे अधिक संक्रमण गोइलकेरा और मनोहरपुर प्रखंड में सामने आ रहा है, जहां प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (पीएफ) यानी ब्रेन मलेरिया के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 6 जुलाई से शुरू किए गए मिशन उदय M 2.0 के शुरुआती आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। अभियान के तहत अब तक 21,833 लोगों की जांच की गई, जिनमें 700 लोग पीएफ पॉजिटिव पाए गए।
Jharkhand Malaria Alert:बिना लक्षण के 352 लोग मिले संक्रमित
जांच में सबसे चिंताजनक तथ्य यह सामने आया कि 700 संक्रमितों में से 352 लोगों में बुखार या बीमारी का कोई लक्षण नहीं था। डॉक्टरों के अनुसार, ऐसे मरीज यदि समय पर इलाज नहीं कराते हैं तो संक्रमण गंभीर होकर ब्रेन मलेरिया का रूप ले सकता है।
गोइलकेरा प्रखंड में 10 जुलाई तक 4,775 लोगों की जांच की गई, जिसमें 433 पीएफ संक्रमित मिले। वहीं मनोहरपुर में 5,157 लोगों की जांच में 103 मरीज संक्रमित पाए गए।
मनोहरपुर के छोटानागरा, जामकुंडिया, सलाई, अंकुआ और पंचपहिया उपस्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत आने वाले 38 गांवों में विशेष निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने यह अभियान 15 जुलाई तक जारी रखने का निर्णय लिया है।
Key Highlights:
पश्चिमी सिंहभूम के 86 गांव मलेरिया के रेड जोन में घोषित।
मिशन उदय M 2.0 के तहत 21,833 जांच में 700 पीएफ संक्रमित मिले।
352 संक्रमितों में बुखार या बीमारी का कोई लक्षण नहीं मिला।
गोइलकेरा और मनोहरपुर में ब्रेन मलेरिया का संक्रमण सबसे अधिक।
पूर्वी सिंहभूम में अब तक 7 लोगों की मौत, 1,731 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि।
Jharkhand Malaria Alert:डोर-टू-डोर जांच और दवा वितरण जारी
सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग मिल रहे हैं, जिनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं हैं, लेकिन जांच में वे पीएफ पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में समय पर इलाज बेहद जरूरी है। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग डोर-टू-डोर जांच, दवा वितरण और जागरूकता अभियान एक साथ चला रहा है।
Jharkhand Malaria Alert:पूर्वी सिंहभूम में 7 मौतों से बढ़ी चिंता
पूर्वी सिंहभूम जिले में भी ब्रेन मलेरिया का असर गंभीर बना हुआ है। जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले 13 दिनों में 77,770 संदिग्ध लोगों की जांच की गई, जिनमें 1,731 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई।
इनमें 1,361 मरीज प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (पीएफ), 326 प्लाज्मोडियम विवैक्स (पीवी) और 44 मिक्स संक्रमण के मामले हैं। यानी कुल संक्रमितों में करीब 73 प्रतिशत मरीज पीएफ श्रेणी के हैं, जिसे ब्रेन मलेरिया का प्रमुख कारण माना जाता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में अब तक ब्रेन मलेरिया से 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने रितिक सिंह की मौत को ब्रेन मलेरिया से जोड़ने से इनकार किया है। उनका कहना है कि वह पहले से किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित था और उसकी मृत्यु का कारण वही बीमारी बनी।
Jharkhand Malaria Alert:स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें, घर और आसपास पानी जमा न होने दें तथा स्वास्थ्यकर्मियों के जांच और दवा वितरण अभियान में सहयोग करें।
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