Nirsa Elevated Bridge: निरसा में बन रहे एलिवेटेड ब्रिज को लेकर विवाद बढ़ता दिख रहा है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, निरसा नागरिक समिति ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) और कंस्ट्रक्शन एजेंसी पर नियमों का पालन न करने का आरोप लगाया। समिति का दावा है कि प्रोजेक्ट की शुरुआत में स्थानीय नागरिकों और खुद समिति की भूमिका को नज़रअंदाज़ किया गया था।
समिति ने खुद को योजना का शुरुआती प्रस्तावक बताया
समिति के पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि निरसा में ट्रैफ़िक की समस्याओं को देखते हुए, निरसा नागरिक समिति ने ही सबसे पहले 2012 में एलिवेटेड ब्रिज की मांग उठाई थी। उनके अनुसार, इस मामले में विभागीय अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार को कई ज्ञापन सौंपे गए, जिससे इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ़ हुआ।
नींव रखने के समारोह को लेकर सवाल
समिति का आरोप है कि एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण शुरू होने के बावजूद, NHAI ने न तो कोई औपचारिक शिलान्यास समारोह आयोजित किया और न ही समिति को आमंत्रित किया। उनका तर्क है कि जनहित के किसी भी प्रोजेक्ट के लिए तय सरकारी प्रक्रियाओं और नियमों का पालन किया जाना चाहिए।
औपचारिक समारोह की मांग
निरसा नागरिक समिति ने मांग की है कि इस प्रोजेक्ट के लिए एक औपचारिक शिलान्यास समारोह आयोजित किया जाए। समिति का ज़ोर है कि इस कार्यक्रम में सांसद (MP), विधायक (MLA), प्रशासनिक अधिकारी और अन्य स्थानीय जन प्रतिनिधि शामिल हों ताकि प्रोजेक्ट की औपचारिक शुरुआत पारदर्शी तरीके से हो सके।
आंदोलन की चेतावनी
समिति ने कहा कि उनका मकसद राजनीतिक श्रेय लेने की होड़ में शामिल होना नहीं है, बल्कि प्रोजेक्ट से जुड़े तथ्यों को सामने लाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर NHAI और कंस्ट्रक्शन एजेंसी नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू करेंगे।
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