EPFO ने विश्वास-2026, कर्मचारी नामांकन अभियान और एमनेस्टी योजना-2026 शुरू की। लाखों कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा, पुराने विवादों के समाधान और ट्रस्टों को कानूनी राहत मिलेगी।
EPFO New Schemes 2026 रांची: देश में सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़े नियमों का पालन आसान बनाने के उद्देश्य से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने तीन महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की है। इनमें विश्वास-2026, कर्मचारी नामांकन अभियान (ईईसी-2026) और एमनेस्टी योजना-2026 शामिल हैं। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त शारिक तनवीर ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य वर्षों से लंबित ईपीएफ विवादों का समाधान करना, सामाजिक सुरक्षा से वंचित कर्मचारियों को ईपीएफ से जोड़ना और भविष्य निधि ट्रस्टों की कानूनी स्थिति को नियमित करना है।
EPFO New Schemes 2026:कर्मचारी नामांकन अभियान से लाखों कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
ईपीएफओ ने 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक कर्मचारी नामांकन अभियान (ईईसी-2026) शुरू किया है। इस अभियान के तहत 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच कार्यरत उन कर्मचारियों को ईपीएफ से जोड़ा जाएगा, जो अब तक इस व्यवस्था के दायरे से बाहर रहे हैं। यह अभियान उन सभी प्रतिष्ठानों पर लागू होगा, चाहे वे पहले से ईपीएफ के अंतर्गत आते हों या नहीं।
इस पहल के माध्यम से लाखों कर्मचारियों को पहली बार औपचारिक सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
Key Highlights:
EPFO ने विश्वास-2026, कर्मचारी नामांकन अभियान और एमनेस्टी योजना-2026 की शुरुआत की।
1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा कर्मचारी नामांकन अभियान।
वर्षों से लंबित EPF विवादों के निपटारे के लिए पहली बार शुरू हुई विश्वास-2026 योजना।
एमनेस्टी योजना से पात्र पीएफ ट्रस्टों को कानूनी राहत और नियमितीकरण का अवसर।
लाखों कर्मचारियों को पहली बार औपचारिक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।
EPFO New Schemes 2026:रियायती दंड दरें और कर्मचारियों को बड़ी राहत
योजना के तहत अनुपालन को बढ़ावा देने और मुकदमों में कमी लाने के लिए रियायती दंड दरें निर्धारित की गई हैं।
- दो माह तक की चूक पर 0.25 प्रतिशत प्रतिमाह
- दो से चार माह तक की चूक पर 0.50 प्रतिशत प्रतिमाह
- चार माह से अधिक की चूक पर 1 प्रतिशत प्रतिमाह
कर्मचारियों और प्रतिष्ठानों को कई महत्वपूर्ण राहत भी दी गई हैं।
- यूएएन अब उमंग ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन से बनाया जा सकेगा।
- ईसीआर के जरिए ऑनलाइन अंशदान जमा किया जा सकेगा।
- यदि पहले कर्मचारी के वेतन से पीएफ अंशदान नहीं काटा गया था तो उसकी वसूली कर्मचारी से नहीं की जाएगी।
- संबंधित प्रतिष्ठान को केवल 100 रुपये की एकमुश्त क्षतिपूर्ति राशि जमा करनी होगी।
EPFO New Schemes 2026:विश्वास-2026 से सुलझेंगे पुराने ईपीएफ विवाद
ईपीएफओ ने पहली बार विश्वास-2026 नाम से एकमुश्त विवाद समाधान योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम, 1952 की धारा 14बी के तहत लंबित मामलों का कम लागत में निपटारा करना है।
यह योजना फिलहाल छह माह के लिए लागू रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर इसे छह माह के लिए और बढ़ाया जा सकता है। इसके तहत वे मामले शामिल होंगे जिनमें दंडात्मक क्षतिपूर्ति लंबित है, अंतिम आदेश जारी हो चुका है लेकिन भुगतान शेष है या कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। पात्र मामलों में सीजीआईटी, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित विवादों का भी निपटारा किया जा सकेगा।
EPFO New Schemes 2026:एमनेस्टी योजना-2026 से ट्रस्टों को कानूनी राहत
ईपीएफओ ने एमनेस्टी योजना-2026 भी शुरू की है। यह योजना उन प्रतिष्ठानों के लिए है, जिनके भविष्य निधि ट्रस्ट आयकर अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त हैं, लेकिन कर्मचारी भविष्य निधि कानून के तहत उन्हें औपचारिक छूट नहीं मिल सकी है।
यह योजना छह माह तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत पात्र ट्रस्टों को पूर्व प्रभाव से कानूनी छूट प्रदान की जाएगी ताकि वे अपनी स्थिति नियमित करा सकें। इसके लिए कर्मचारियों के पीएफ खातों में जमा अंशदान और ब्याज, ईपीएफओ द्वारा निर्धारित दरों के बराबर या उससे अधिक होना आवश्यक होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और संबंधित क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालय को ईमेल के माध्यम से आवेदन भेजा जाएगा।
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