झारखंड ट्रेजरी घोटाले में CID ने खूंटी और देवघर के 1.21 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामलों को टेकओवर किया। अब सात मामलों की जांच CID के पास, ED भी कर रही जांच।
Jharkhand Treasury Scam रांची: झारखंड में सामने आए बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अब खूंटी और देवघर जिले में हुई करीब 1.21 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामलों को भी टेकओवर कर लिया है। दोनों मामलों में 13 जुलाई को रांची स्थित CID थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही ट्रेजरी घोटाले से जुड़े सात मामलों की जांच अब CID के जिम्मे आ गई है।
Jharkhand Treasury Scam: खूंटी और देवघर में करोड़ों की अवैध निकासी का मामला
CID के अनुसार खूंटी जिले के सारिदकेल, तोरपा स्थित SIRB-02 वाहिनी मुख्यालय की लेखा शाखा से 22.69 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई थी। वहीं देवघर जिले के सरवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से करीब 99 लाख रुपये का फर्जी वेतन भुगतान कर सरकारी राशि निकाली गई।
इन दोनों मामलों की जांच पहले स्थानीय पुलिस कर रही थी, जिसे अब CID ने अपने हाथ में ले लिया है।
Key Highlights:
CID ने खूंटी और देवघर के 1.21 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामलों को अपने हाथ में लिया।
ट्रेजरी घोटाले से जुड़े अब कुल सात मामलों की जांच कर रही है CID।
खूंटी में 22.69 लाख और देवघर में 99 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला।
गिरफ्तार आरोपी शुभम सिंह को रिमांड पर लेने की तैयारी, एक आरोपी अब भी फरार।
हजारीबाग और बोकारो मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
Jharkhand Treasury Scam: अब तक इन सात मामलों की जांच कर रही है CID
झारखंड ट्रेजरी घोटाले में CID फिलहाल निम्नलिखित मामलों की जांच कर रही है—
| जिला | विभाग | अवैध निकासी |
|---|---|---|
| हजारीबाग | एसपी कार्यालय | 31 करोड़ रुपये |
| बोकारो | एसपी कार्यालय | 11 करोड़ रुपये |
| रांची | पशुपालन विभाग | 2.94 करोड़ रुपये |
| रामगढ़ | पशुपालन विभाग | 34.25 लाख रुपये |
| चाईबासा | एसपी कार्यालय | 44 लाख रुपये |
| देवघर | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र | 99 लाख रुपये |
| खूंटी | SIRB-02 वाहिनी | 22.69 लाख रुपये |
इस पूरे मामले की जांच CID के अलावा वित्त विभाग की विशेष टीम भी कर रही है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी ECIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि उसकी जांच अभी शुरुआती चरण में है।
Jharkhand Treasury Scam: खूंटी मामले में गिरफ्तार आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी
खूंटी के सारिदकेल तोरपा स्थित SIRB-02 वाहिनी मुख्यालय की लेखा शाखा में अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद 21 मई को खूंटी थाना में एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में अकाउंटेंट अजीत कुमार सिंह और शुभम सिंह को आरोपी बनाया गया।
जांच में सामने आया कि सरकारी नियमों की अनदेखी करते हुए आरोपियों के खातों में 22.69 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। 19 जून को शुभम सिंह को बिहार के पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था, जबकि दूसरा आरोपी अजीत कुमार सिंह अब भी फरार है। अब CID की विशेष जांच टीम (SIT) शुभम सिंह को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
Jharkhand Treasury Scam: देवघर में पूर्व लिपिक पर 99 लाख रुपये निकालने का आरोप
देवघर के सरवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्ष 2017 से 2019 के बीच करीब 99.06 लाख रुपये की अवैध वेतन निकासी का मामला सामने आया था। जांच के बाद चिकित्सा प्रभारी की शिकायत पर पूर्व लेखा लिपिक सविता कुमारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
आरोप है कि सविता कुमारी ने कई कर्मचारियों के नाम पर फर्जी भुगतान दिखाकर राशि अपने और अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी। जांच में सामने आया कि विभिन्न खातों के माध्यम से लाखों रुपये का गबन किया गया।
Jharkhand Treasury Scam: हजारीबाग और बोकारो मामले में चार्जशीट दाखिल
CID हजारीबाग और बोकारो ट्रेजरी घोटाले के मामलों में 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वहीं चाईबासा मामले में भी इस महीने चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है।
इसके अलावा रांची के पशुपालन विभाग में हुई अवैध निकासी मामले में भी जांच तेज कर दी गई है। इस मामले के आरोपी मुनींद्र कुमार को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी चल रही है। उसके खिलाफ रांची के कोतवाली और खेलगांव थाने में पहले से दो एफआईआर दर्ज हैं।
Highlights


















