Bombay Blood Group Identified: BGH बोकारो में मिला दुनिया के सबसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप में से एक, जिसे जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

Bombay Blood Group Identified: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) द्वारा संचालित बोकारो जनरल हॉस्पिटल (BGH) के ब्लड सेंटर ने मेडिकल क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहाँ बेहद दुर्लभ ‘बॉम्बे ब्लड ग्रुप’ की सफलतापूर्वक पहचान की गई है। खास जाँच और वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद इस दुर्लभ ब्लड ग्रुप की पुष्टि हुई। अस्पताल प्रबंधन का मानना ​​है कि इस पहचान से भविष्य में आपातकालीन स्थितियों के दौरान मरीजों को सही ब्लड समय पर उपलब्ध कराने में आसानी होगी।

विशेष जांच से हुई दुर्लभ रक्त समूह की पुष्टि

ब्लड सेंटर में रूटीन जाँच के दौरान एक ब्लड डोनर के सैंपल में असामान्य परिणाम मिलने पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जाँच की। क्रॉस-मैचिंग, एंटीजन टेस्टिंग और अन्य ज़रूरी लैब एनालिसिस के बाद यह पता चला कि डोनर का ब्लड ग्रुप ‘बॉम्बे ब्लड ग्रुप’ (OH या HH) है। यह ब्लड ग्रुप आम A, B, AB और O ग्रुप से अलग है और बहुत कम लोगों में पाया जाता है।

बॉम्बे ब्लड ग्रुप को क्या खास बनाता है?

मेडिकल प्रोफेशनल्स के अनुसार, बॉम्बे ब्लड ग्रुप की मुख्य विशेषता H एंटीजन का न होना है। इसलिए, इस ब्लड ग्रुप वाले लोग सामान्य O-पॉजिटिव या O-नेगेटिव ब्लड नहीं ले सकते; वे केवल उसी दुर्लभ ग्रुप का ब्लड सुरक्षित रूप से ले सकते हैं। गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाने से गंभीर ट्रांसफ्यूजन रिएक्शन का खतरा हो सकता है।

भविष्य के इस्तेमाल के लिए डोनर का रिकॉर्ड सुरक्षित

BGH की मेडिकल टीम ने इस दुर्लभ ब्लड ग्रुप वाले डोनर की जानकारी अस्पताल के खास डेटाबेस में सुरक्षित रूप से दर्ज कर ली है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि अगर भविष्य में किसी मरीज को इस ब्लड ग्रुप की ज़रूरत पड़ती है, तो मदद के लिए डोनर से तुरंत संपर्क किया जा सके। इसके अलावा, अस्पताल परिवार के अन्य सदस्यों की भी जाँच कर रहा है, क्योंकि माना जाता है कि इस ब्लड ग्रुप का आधार जेनेटिक (आनुवंशिक) होता है।

बेहतर मेडिकल सेवाओं का प्रमाण

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह उपलब्धि आधुनिक डायग्नोस्टिक सिस्टम, क्लिनिकल विशेषज्ञता और मरीज की सुरक्षा के प्रति BGH की प्रतिबद्धता को मज़बूत करती है। समय पर और सही पहचान न केवल गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज में मदद करेगी, बल्कि इस क्षेत्र में बेहतर हेल्थकेयर सेवाओं के विस्तार में भी अहम भूमिका निभाएगी। मेडिकल विशेषज्ञों का मानना ​​है कि दुर्लभ ब्लड ग्रुप का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखना भविष्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बहुत फायदेमंद कदम है।

जागरूकता बढ़ाने की ज़रूरत

विशेषज्ञ दुर्लभ ब्लड ग्रुप के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हैं। नियमित रक्तदान, समय-समय पर ब्लड ग्रुप की जाँच और ऐसे खास मामलों का वैज्ञानिक रिकॉर्ड रखने से ज़रूरतमंद मरीजों को समय पर मदद मिल सकती है। BGH की इस पहल को उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

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