सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी ने Smart Meter नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रीपेड बिलिंग अनिवार्य नहीं होगी। झारखंड और रांची के उपभोक्ता अपनी पसंद से प्रीपेड या पोस्टपेड मोड चुन सकेंगे।
Smart Meter Rules रांची: झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (सीईए) ने स्मार्ट मीटर से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए प्रीपेड बिलिंग की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड सुविधा वैकल्पिक होगी और वे अपनी सुविधा के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड बिलिंग मोड का चयन कर सकेंगे।
सीईए के इस फैसले का असर रांची समेत पूरे झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। हालांकि संचार नेटवर्क वाले क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान पहले की तरह तय समय-सीमा के अनुसार जारी रहेगा।
Smart Meter Rules :अब नहीं थोपा जाएगा प्रीपेड स्मार्ट मीटर
नई नीति में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उपभोक्ता पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर या प्रीपेड बिलिंग जबरन लागू नहीं की जाएगी। जिन क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध है, वहां स्मार्ट मीटर लगाने को बढ़ावा दिया जाएगा, लेकिन उपभोक्ताओं को प्रीपेड मोड अपनाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
इस बदलाव के बाद उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड दोनों में से किसी भी बिलिंग व्यवस्था का विकल्प चुन सकेंगे।
Key Highlights
सीईए ने स्मार्ट मीटर के लिए प्रीपेड बिलिंग की अनिवार्यता खत्म की।
उपभोक्ता अब अपनी इच्छा से प्रीपेड या पोस्टपेड मोड चुन सकेंगे।
रांची में 3.60 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
जेबीवीएनएल ने अभी नई गाइडलाइन जारी नहीं की है।
शहर में वर्ष 2026 के अंत तक सभी उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ने का लक्ष्य।
Smart Meter Rules :रांची में 3.60 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगे
रांची शहर में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान तेजी से चल रहा है। शुरुआती सर्वे के अनुसार रिंग रोड के भीतर लगभग 3.70 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने थे। इनमें 3.60 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि तीन लाख से अधिक उपभोक्ताओं की बिलिंग प्रीपेड मोड में की जा रही है।
बिजली विभाग का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक रांची के सभी उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ने का है।
Smart Meter Rules :जेबीवीएनएल ने अभी जारी नहीं की नई गाइडलाइन
सीईए की नई नीति के बावजूद झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने अभी तक इस संबंध में कोई नई गाइडलाइन या दिशा-निर्देश जारी नहीं किया है। फिलहाल राज्य में मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जारी है।
मार्च 2026 में झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के आदेश में स्मार्ट मीटर और पुराने मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग बिजली दर निर्धारित नहीं की गई थी।
Smart Meter Rules :नई नीति से जेबीवीएनएल के सामने असमंजस
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने अगस्त तक सभी सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाने का निर्देश दिया है, ताकि बिजली वितरण में होने वाले नुकसान और एटी एंड सी (AT&C) लॉस को कम किया जा सके। इसके तहत सरकारी भवनों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जारी है।
सीईए की नई नीति के बाद जेबीवीएनएल के सामने कार्यान्वयन को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक दस्तावेज या दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। आधिकारिक आदेश मिलने के बाद नई नीति के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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