झारखंड के सरकारी विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के नियम बदलने की तैयारी। अब लिखित परीक्षा, मेडिकल जांच और 12 माह का प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। NET, JET और PhD अभ्यर्थियों पर भी लागू होंगे नए नियम।
Jharkhand Assistant Professor Recruitment रांची: झारखंड के सरकारी विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार भर्ती के लिए नया परिनियम तैयार कर रही है, जिसके तहत अब असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए लिखित परीक्षा अनिवार्य होगी। लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को ही इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इसके साथ ही चयनित उम्मीदवारों की मेडिकल जांच भी अनिवार्य होगी।
नए परिनियम को लागू करने से पहले संबंधित विश्वविद्यालयों के सिंडिकेट से इसकी मंजूरी ली जाएगी। इसके बाद राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी।
Jharkhand Assistant Professor Recruitment:NET और JET पास अभ्यर्थियों को भी देनी होगी लिखित परीक्षा
नई व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) और झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भी लिखित परीक्षा में शामिल होना होगा। हालांकि चयन प्रक्रिया में पीएचडी और नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर अभ्यर्थियों को अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा।
अब असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से होगी। इससे पहले विश्वविद्यालयों में नियुक्तियां झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के जरिए होती थीं। वर्तमान व्यवस्था में NET, JET और पीएचडी धारकों का चयन मुख्य रूप से इंटरव्यू के आधार पर किया जाता था।
Key Highlights
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में अब लिखित परीक्षा होगी अनिवार्य।
NET और JET पास अभ्यर्थियों को भी लिखित परीक्षा देनी होगी।
चयनित उम्मीदवारों के लिए मेडिकल जांच और 12 माह का प्रशिक्षण अनिवार्य।
पीएचडी और नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर को वेटेज मिलेगा।
पहली पोस्टिंग ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में होगी।
Jharkhand Assistant Professor Recruitment:मेडिकल जांच और 12 माह का प्रशिक्षण होगा अनिवार्य
नई नियुक्ति प्रक्रिया के अनुसार चयनित शिक्षकों की मेडिकल जांच कराई जाएगी। नियुक्ति के बाद सभी नए शिक्षकों को झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी में 12 माह का अनिवार्य प्रशिक्षण लेना होगा।
इसके अलावा शिक्षकों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर नियुक्त किया जाएगा। परिवीक्षा पूरी होने के बाद आवश्यकता पड़ने पर उन्हें राज्य के किसी भी विश्वविद्यालय या अंगीभूत कॉलेज में स्थानांतरित या प्रतिनियुक्त किया जा सकेगा।
Jharkhand Assistant Professor Recruitment:पहली पोस्टिंग ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में
राज्य सरकार की नई नीति के अनुसार शिक्षकों की पहली नियुक्ति विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के कॉलेजों में की जाएगी। साथ ही शिक्षकों के अंतर विश्वविद्यालय स्थानांतरण का विशेष अधिकार राज्य सरकार के पास रहेगा।
Jharkhand Assistant Professor Recruitment:हर वर्ष जनवरी से जून तक पूरी होगी भर्ती प्रक्रिया
प्रस्तावित नियमों के अनुसार झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से शिक्षकों की चयन प्रक्रिया प्रत्येक वर्ष जनवरी से शुरू होकर 30 जून तक पूरी की जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के लिए मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक आयोग के साथ समन्वय करेंगे। प्रत्येक वर्ष 31 दिसंबर तक विश्वविद्यालयों में स्वीकृत पदों के विरुद्ध रिक्तियों का आकलन कर रोस्टर तैयार किया जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार से रोस्टर का अनुमोदन लेकर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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