भागलपुर : भागलपुर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के साथ ही तटीय इलाकों में कटाव भी तेज हो गया है। सबौर प्रखंड की रजनदीपुर पंचायत स्थित संत नगर में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। गंगा की तेज धारा किसानों की उपजाऊ जमीन को निगल रही है और अब नदी गांव के घरों के बेहद करीब पहुंच गई है। कटाव रोधी कार्य नहीं होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
अबतक दर्जनों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि गंगा में समा चुकी है – स्थानीय लोग
स्थानीय लोगों के अनुसार, अबतक दर्जनों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि गंगा में समा चुकी है। हर दिन कटाव बढ़ने से किसानों की आजीविका पर संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की धारा अब उनके घरों से लगभग 50 मीटर की दूरी पर पहुंच चुकी है, जिससे किसी भी समय बड़ा नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।


मामलखा-चायचक क्षेत्र में प्रशासन की ओर से कटाव रोकने के लिए सुरक्षा कार्य किए गए हैं – ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि मामलखा-चायचक क्षेत्र में प्रशासन की ओर से कटाव रोकने के लिए सुरक्षा कार्य किए गए हैं, लेकिन संत नगर अब भी ऐसे किसी स्थायी उपाय का इंतजार कर रहा है। उनका आरोप है कि वर्षों से रिंग बांध निर्माण और कटाव रोधी कार्य की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।


ग्रामीणों ने कहा- यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो खेतों के साथ-साथ घर भी गंगा के कटाव की चपेट में आ सकते हैं
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो खेतों के साथ-साथ घर भी गंगा के कटाव की चपेट में आ सकते हैं। इससे पूरे इलाके में विस्थापन का खतरा उत्पन्न हो जाएगा। संत नगर के लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए रिंग बांध निर्माण और स्थायी कटाव रोधी उपाय शुरू करने की मांग की है, ताकि उनकी जमीन, घर और आजीविका को गंगा के बढ़ते कहर से बचाया जा सके।


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राजीव रंजन की रिपोर्ट
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