गयाजी : बिहार के गया जिले के कोच प्रखंड के उतरेन गांव की रहने वाली दो साल 10 महीने की वाणी अपनी अनोखी प्रतिभा की वजह से चर्चा में है। वाणी अलग-अलग देशों के झंडे देखकर तुरंत उनका नाम बता देती है। परिवार के अनुसार, वह अबतक 153 से अधिक देशों के झंडों की पहचान कर चुकी है।
वाणी की इस प्रतिभा का पता उसके पिता रविकांत को तब चला, जब उसने खेल-खेल में 20 देशों के झंडों को पहचान लिया
वाणी की इस प्रतिभा का पता उसके पिता रविकांत कुमार को तब चला, जब उसने खेल-खेल में 20 देशों के झंडों को पहचान लिया। इसके बाद परिवार ने उसकी प्रतिभा को निखारना शुरू किया। पहले उसने 45 एशियाई देशों के झंडे पहचानने की उपलब्धि हासिल की, जिसके लिए 29 जून 2026 को उसे सम्मानित किया गया। परिजनों के अनुसार, वाणी ने 127 देशों के झंडों की पहचान महज छह मिनट 35 सेकंड में कर दिखाई। इस उपलब्धि का वीडियो इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड को भेजा गया, जिसके बाद उसे रिकॉर्ड के लिए प्रमाणपत्र, मेडल और अन्य सम्मान प्रदान किए गए।

वाणी के पिता ने कहा- उसे बचपन से ही रंगों में विशेष रुचि रही है
वाणी के पिता का कहना है कि उसे बचपन से ही रंगों में विशेष रुचि रही है। यही वजह है कि वह झंडों के रंग और डिजाइन देखकर देशों की पहचान आसानी से कर लेती है। परिवार का अगला लक्ष्य वाणी को दुनिया के सभी 195 देशों के झंडों की पहचान कराने का है, ताकि उसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया जा सके।

इतनी कम उम्र में उसकी याददाश्त और रंगों की पहचान करने की क्षमता असाधारण है – वाणी की मां व दादा
वाणी की मां पल्लवी मिश्रा और दादा राम पांडे का कहना है कि इतनी कम उम्र में उसकी याददाश्त और रंगों की पहचान करने की क्षमता असाधारण है। परिवार पूरी लगन से उसकी तैयारी में जुटा हुआ है। यदि वाणी 195 देशों के झंडों की सफलतापूर्वक पहचान कर लेती है और आवश्यक रिकॉर्ड मानदंड पूरे करती है, तो वह बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकती है।

गया की नन्हीं वाणी की यह प्रतिभा वाकई अद्भुत है
गया की नन्हीं वाणी की यह प्रतिभा वाकई अद्भुत है। जिस उम्र में बच्चे खेल-खेल में अक्षर और रंग सीखते हैं, उस उम्र में वाणी सैकड़ों देशों के झंडे पहचानकर उनके नाम बता रही है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद अब वाणी और उसके परिवार की नजर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर है। अगर वाणी 195 देशों के झंडे पहचानने में कामयाब होती है तो यह नन्हीं प्रतिभा दुनिया के सामने बिहार और गया का नाम रोशन कर सकती है।


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आशीष कुमार की रिपोर्ट
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