गढ़वा के भंडरिया थाना क्षेत्र के तेवाली गांव में बाघ ने पालतू भैंस का शिकार किया। वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है और पशु मालिक को मुआवजा देने की बात कही है।
Garhwa Tiger Attack गढ़वा: गढ़वा जिले के भंडरिया थाना क्षेत्र स्थित तेवाली गांव में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। जोन्हीखाड़-तेवाली जंगल स्थित नदी किनारे कोरेणडूबा के पास बाघ ने एक पालतू भैंस पर हमला कर उसे मार डाला। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है।
Garhwa Tiger Attack:चार दिन की तलाश के बाद जंगल में मिला भैंस का शव
पीड़ित पशुपालक अर्जुन सिंह ने बताया कि रविवार की शाम करीब चार से पांच बजे उनकी भैंस चरते-चरते जंगल की ओर चली गई थी और वापस नहीं लौटी। सोमवार से परिवार के सदस्य लगातार जंगल में उसकी तलाश कर रहे थे। काफी खोजबीन के बाद भैंस का शव जंगल में मिला। शव की स्थिति और आसपास के हालात से स्पष्ट हुआ कि किसी बड़े वन्यजीव ने उसका शिकार किया है। घटनास्थल पर बाघ के पैरों के निशान भी मिले हैं।
Key Highlights
गढ़वा के तेवाली गांव के जंगल में बाघ ने पालतू भैंस का किया शिकार।
कई दिनों की तलाश के बाद जंगल में मिला भैंस का शव।
घटनास्थल से बाघ के पैरों के निशान बरामद हुए।
वन विभाग ने जांच शुरू की, डीएफओ ने बाघ के हमले की पुष्टि की।
पशु मालिक को मुआवजा देने का आश्वासन, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह।
Garhwa Tiger Attack:वन विभाग ने की जांच, डीएफओ ने की पुष्टि
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेस्टर कमलेश कुमार, तुषार कुमार और उपेंद्र कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। साउथ डिवीजन के डीएफओ एबीन बेनी अब्राहम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि भैंस को बाघ ने मारकर खाया है। बाघ के पैरों के निशान भी मिले हैं और उसने जंगल के काफी अंदर जाकर शिकार किया है। विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है।
Garhwa Tiger Attack:पशु मालिक को मिलेगा मुआवजा, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने पशु मालिक को नियमानुसार मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। साथ ही ग्रामीणों से जंगल की ओर अकेले नहीं जाने और मवेशियों को खुले जंगल में चराने से बचने की अपील की गई है। बाघ की मौजूदगी को देखते हुए क्षेत्र में निगरानी भी बढ़ाई जा रही है।
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