Shams Alam Story: पैरों ने साथ छोड़ा तो हौसले ने थामा हाथ, अब तीसरी बार भारत के लिए उतरेंगे शम्स आलम

Shams Alam Story, पटना: जिंदगी कभी-कभी इंसान के सामने ऐसी चुनौती खड़ी कर देती है, जहां आगे का रास्ता दिखाई देना बंद हो जाता है। बिहार के मधुबनी जिले के रथौस गांव के रहने वाले मो. शम्स आलम शेख की जिंदगी में भी वर्ष 2010 ऐसा ही मोड़ लेकर आया। रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में ट्यूमर विकसित होने के बाद उन्हें सर्जरी करानी पड़ी। ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन मेडिकल जटिलताओं के कारण उनके शरीर का निचला हिस्सा पूरी तरह पैरालाइज हो गया। देखते ही देखते खेलों से प्यार करने वाला एक युवा व्हीलचेयर पर आ गया।

यह बदलाव आसान नहीं था। लेकिन परिवार ने उनका हौसला बढ़ाया और शम्स ने भी परिस्थितियों के आगे रुकने के बजाय जिंदगी को नई दिशा देने का फैसला किया। आज वही शम्स आलम तीसरी बार एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं।

Shams Alam Story:  कराटे से शुरू हुआ सफर तैराकी तक पहुंचा

शम्स को बचपन से ही खेलों में दिलचस्पी थी। उन्होंने कराटे से अपने खेल करियर की शुरुआत की और ब्लैक बेल्ट हासिल किया। खेल के साथ उन्होंने पढ़ाई भी जारी रखी। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद एमबीए किया। लेकिन 2010 के बाद उनकी जिंदगी की दिशा बदल गई। व्हीलचेयर पर आने के बाद रिहैबिलिटेशन के दौरान उनकी मुलाकात अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक राजाराम घाग से हुई। यहीं से तैराकी उनके लिए केवल खेल नहीं रही, बल्कि जिंदगी को दोबारा गति देने का माध्यम बन गई। शम्स ने 2012-13 के आसपास पेशेवर तैराकी की शुरुआत की और धीरे-धीरे प्रतियोगिताओं में अपनी जगह बनानी शुरू की।

पानी में उतरे तो रिकॉर्ड भी बनने लगे

शम्स आलम का संघर्ष धीरे-धीरे उपलब्धियों में बदलता गया। वर्ष 2017 में उन्होंने खुले समुद्र में 8 किलोमीटर तैरकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद 2019 में पोलैंड की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। पटना में आयोजित 14वें नेशनल तक्षशिला ओपन वाटर स्विमिंग में शिव घाट दीघा से लॉ कॉलेज घाट तक 13 किलोमीटर तैरने की उपलब्धि भी उनके सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी। हैदराबाद में आयोजित 25वीं पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप में उन्होंने दो स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। शम्स को बिहार खेल रत्न पुरस्कार और कर्ण इंटरनेशनल अवॉर्ड जैसे सम्मान भी मिले हैं। उन्हें बिहार टास्क फोर्स में नियुक्ति भी मिली।

तीसरी बार एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व

शम्स आलम का चयन तीसरी बार एशियन पैरा गेम्स के लिए हुआ है। इससे पहले वह 2018 में जकार्ता और 2022 में हांगझोउ एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक एशियन गेम्स 2026 का आयोजन होना है। स्रोत के अनुसार बिहार के 11 खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, जिनमें छह दिव्यांग खिलाड़ी शामिल हैं। पैरा स्विमिंग में बिहार की ओर से मो. शम्स आलम शेख का नाम शामिल है। उनके लिए यह सिर्फ एक और प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उस सफर का अगला पड़ाव है, जिसकी शुरुआत व्हीलचेयर पर आने के बाद नए सिरे से हुई थी।

शम्स की कहानी में युवाओं के लिए संदेश

शम्स आलम बिहार में खेलों को लेकर हो रहे प्रयासों को सकारात्मक मानते हैं। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार की योजना के तहत उन्हें नौकरी मिली और वर्तमान में वह वित्त विभाग में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और सुविधाएं मिलने से राज्य में खेलों का विस्तार हो सकता है। वह युवाओं से खेल को करियर के रूप में अपनाने की बात कहते हैं।

बिहार में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए खेल छात्रवृत्ति योजना, ग्राम पंचायत खेल क्लब योजना और बिहार राज्य खेल सम्मान योजना का उल्लेख किया गया है। राज्य के नगर और ग्राम पंचायत स्तर पर खेल क्लब और मैदान विकसित करने की दिशा में भी काम किए जाने की जानकारी दी गई है।

शम्स आलम की कहानी किसी एक पदक या रिकॉर्ड की कहानी नहीं है। यह उस बदलाव की कहानी है जिसमें एक बीमारी ने उनके पैरों की ताकत छीन ली, लेकिन उनके सपनों की दिशा नहीं बदल सकी। कराटे से शुरू हुआ सफर व्हीलचेयर तक पहुंचा, फिर तैराकी के रास्ते रिकॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय मंच तक गया। अब तीसरी बार भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे शम्स आलम के सामने वही पानी है, लेकिन इस बार उनके साथ वर्षों की मेहनत, अनुभव और एक लंबा संघर्ष भी है।

यह भी पढ़ें: Patna Tax Meeting: GSTR-3B से Real Estate Revenue Gap तक, पटना की टैक्स बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

Bihar Engineering University MoU: छात्रों को मिलेगा IBM SkillsBuild से निःशुल्क...

Bihar Engineering University MoU, पटना: बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय, पटना और भारत केयर्स (एसएमईसी ट्रस्ट), जो आईबीएम स्किल्सबिल्ड-कंट्री पार्टनर है, के बीच छात्रों और शिक्षकों...

Bihar Semiconductor Investment: सेमीकॉन इंडिया 2026 में बिहार ने दुनिया के...

Bihar Semiconductor Investment, पटना: सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में बिहार अपनी संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत के सामने रखने की...

Bihar Education News: 700 सरस्वती विद्या निकेतनों में 3 महीने में...

Bihar Education News, पटना: राज्य के 700 सरस्वती विद्या निकेतनों के प्रधानाध्यापकों के लिए शुक्रवार को ज्ञान भवन में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित...