Ranchi: Amity University Jharkhand में स्वच्छता पखवाड़ा एवं हर घर तिरंगा के तहत विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग और वेस्ट-टू-वेल्थ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके साथ ही एमिटी लॉ स्कूल की डिबेट कमेटी की ओर से “द आर्ट ऑफ इफेक्टिव कम्युनिकेशन: फ्रॉम आइडियाज टू इम्पैक्ट” विषय पर विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गयी। इन कार्यक्रमों का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ क्लिनिकल साइकोलॉजी और स्टूडेंट वेलफेयर विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक के. श्रीवास्तव ने कार्यक्रमों के लिए शुभकामनाएं दीं।
पेंटिंग और Waste-to-Wealth में छात्रों ने दिखायी प्रतिभा
पेंटिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कला के माध्यम से विचारों और दृष्टिकोण को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। वहीं वेस्ट-टू-वेल्थ प्रतियोगिता में बेकार और अनुपयोगी वस्तुओं को उपयोगी, आकर्षक और अभिनव उत्पादों में बदलकर विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, नवाचार, आलोचनात्मक चिंतन और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना रहा।
श्रेयशी अट्टा और जागृति सिंह ने हासिल किया स्थान
वेस्ट-टू-वेल्थ प्रतियोगिता में BBA पांचवें सेमेस्टर की श्रेयशी अट्टा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। B.Com तीसरे सेमेस्टर की जागृति सिंह ने द्वितीय स्थान हासिल किया। वहीं पेंटिंग प्रतियोगिता में BA LLB पांचवें सेमेस्टर की तनिष्का प्रथम रहीं। BBA तीसरे सेमेस्टर की तृप्ति झा ने प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया।

Effective Communication पर हुई विशेष कार्यशाला
एमिटी लॉ स्कूल की डिबेट कमेटी की ओर से “द आर्ट ऑफ इफेक्टिव कम्युनिकेशन: फ्रॉम आइडियाज टू इम्पैक्ट” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गयी। सत्र का नेतृत्व श्री शंभूनाथ चौधरी, अध्यक्ष, रांची प्रेस क्लब एवं झारखंड प्रमुख, इंडो-एशियन न्यूज सर्विसेज (IANS) ने किया। कार्यशाला में तैयारी, स्पष्टता, तार्किक सोच और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति के महत्व पर चर्चा की गयी। विद्यार्थियों को अपने भाषण को तार्किक और व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करने, श्रोताओं को समझने और प्रभावी पिचिंग कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

प्रभावी संचार में सुनना भी जरूरी
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि प्रभावी संचार केवल अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने तक सीमित नहीं है। यह एक द्विपक्षीय प्रक्रिया है, जिसमें ध्यानपूर्वक सुनना और सामने वाले की जरूरतों तथा दृष्टिकोण को समझना भी महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ संवाद करने, तार्किक ढंग से सोचने और अपने विचारों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया गया।

रचनात्मकता और नेतृत्व कौशल को मिला मंच
एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड में आयोजित दोनों कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों को रचनात्मकता, पर्यावरणीय जागरूकता, प्रभावी संचार और नेतृत्व कौशल विकसित करने का अवसर दिया। पेंटिंग और वेस्ट-टू-वेल्थ प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिला, जबकि संचार कार्यशाला ने उन्हें विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की समझ विकसित करने में मदद की।
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