Bihar Highway Patrol, पटना: राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों की सुरक्षा और दुर्घटना के बाद त्वरित मदद पहुंचाने के लिए बिहार सरकार ने हाईवे पेट्रोलिंग व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को 58 नए राजमार्ग गश्ती वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है और इन्हें दुर्घटना की स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ के सामने आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वाहनों को रवाना किया। इस मौके पर अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) सुधांशु कुमार सहित सरकार और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
करीब 3 हजार किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर तैनाती
राजमार्ग गश्ती योजना के पहले चरण में राज्य के उन राष्ट्रीय राजमार्गों को प्राथमिकता दी गई है जहां दुर्घटनाओं की संख्या अधिक है। योजना के तहत करीब 3,000 किलोमीटर क्षेत्र में राजमार्ग गश्ती वाहनों की तैनाती की गई है। इन वाहनों को लगभग हर 50 किलोमीटर पर तैनात किया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाए रखना है। साथ ही दुर्घटना होने की स्थिति में घटनास्थल तक जल्द से जल्द पहुंचकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना भी इसकी अहम जिम्मेदारी होगी।

Dial-112 से जुड़े होंगे हाईवे पेट्रोल वाहन
राजमार्ग गश्ती वाहनों को Dial-112 से भी इंटीग्रेट किया गया है। इससे सड़क दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित वाहन को घटनास्थल तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। दुर्घटना की स्थिति में ये वाहन First Responder के रूप में काम करेंगे। यानी हादसे के बाद शुरुआती समय में मौके पर पहुंचकर घायलों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इनकी होगी। सड़क दुर्घटनाओं में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इन वाहनों के जरिए घायलों को Golden Hour के दौरान जरूरी चिकित्सा सहायता दिलाने और अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करने का लक्ष्य रखा गया है।

सड़क हादसों में मौत कम करने पर जोर
राजमार्ग गश्ती व्यवस्था को मजबूत करने का एक प्रमुख उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना है। सरकार की ओर से इसे भारत सरकार के Vision-2030 के तहत सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को 50 प्रतिशत तक कम करने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग होने से दुर्घटना के अलावा यातायात व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर भी समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी।

कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ के सामने आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह और अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) सुधांशु कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। 58 नए वाहनों के रवाना होने के साथ बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों पर गश्ती और दुर्घटना के बाद त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को और मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
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