PMCH OPD News, पटना: पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में OPD सेवा बंद होने और जूनियर डॉक्टरों के काम रोकने से मरीजों को परेशानी होने की खबर के बाद अस्पताल प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। PMCH प्रशासन ने ऐसी खबरों को भ्रामक बताते हुए कहा है कि अस्पताल की OPD सेवा लंबे समय तक बंद नहीं रही और मरीजों को नियमित रूप से चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार मिल रहा है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह के मुताबिक, OPD व्यवस्था में केवल करीब 10 मिनट के लिए समस्या आई थी। इसके बाद व्यवस्था को तत्काल सामान्य कर दिया गया और मरीजों का इलाज एवं चिकित्सकीय परामर्श नियमित रूप से जारी रहा।
10 मिनट की समस्या के बाद सामान्य हुई OPD सेवा
अधीक्षक ने बताया कि OPD में आई समस्या को जल्द ही दूर कर लिया गया था। इसके बाद मरीजों के पंजीकरण, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की प्रक्रिया सामान्य तरीके से चलती रही। अस्पताल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि OPD सेवा लंबे समय तक बाधित रहने या पूरी तरह बंद होने की बात सही नहीं है। PMCH की ओर से मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं को सुचारू रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
दोपहर 2 बजे तक 1285 से अधिक मरीजों को मिला इलाज
PMCH प्रशासन के अनुसार, 26 सितंबर को दोपहर 2 बजे तक OPD में 1,285 से अधिक मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श और उपचार दिया जा चुका था। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इससे यह स्पष्ट होता है कि OPD सेवा नियमित रूप से संचालित हो रही थी। वहीं, अस्पताल के दूसरे विभागों में भी मरीजों की जांच और उपचार की प्रक्रिया सामान्य रूप से जारी रही।
मरीजों के इलाज पर नहीं पड़ा लंबे समय का असर
अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि OPD सेवा बंद होने या लंबे समय तक प्रभावित रहने संबंधी खबर तथ्यात्मक नहीं है। अस्पताल की प्रमुख सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मरीजों और उनके परिजनों के लिए अस्पताल प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि चिकित्सा सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
PMCH प्रशासन ने मीडिया और लोगों से की अपील
OPD से जुड़ी खबरों को लेकर PMCH प्रशासन ने मीडिया और आम लोगों से अपील की है कि अस्पताल से संबंधित किसी भी सूचना को प्रसारित करने से पहले अधिकृत अस्पताल प्रशासन से तथ्यों की पुष्टि जरूर करें। प्रशासन का कहना है कि बिना पुष्टि के किसी सूचना के प्रसारित होने से मरीजों और उनके परिजनों के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में अस्पताल से जुड़ी किसी भी महत्वपूर्ण सूचना की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही उसे आगे साझा करने की अपील की गई है।
यह भी पढ़ें: Gayaji Pitru Paksha Mela 2026: QR Wrist Band से AI तक, श्रद्धालुओं के लिए होंगे ये खास इंतजाम


















