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Bihar Fisheries Cooperative: बिहार में मत्स्यजीवी सहकारी समितियों का विस्तार, जिला और प्रमंडल स्तर पर बनेंगे संघ

 बिहार में मत्स्यजीवी सहकारी समितियों को मजबूत करने के लिए जिला और प्रमंडल स्तर पर संघ तथा राज्यस्तरीय परिसंघ के गठन पर सहमति बनी है।


Bihar Fisheries Cooperative पटना: बिहार में मत्स्यजीवी सहकारी समितियों को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता विभाग तथा डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के बीच जिला एवं प्रमंडल स्तर पर मत्स्यजीवी सहकारी संघ और राज्यस्तर पर मत्स्यजीवी सहकारी परिसंघ के गठन पर सहमति बनी है।

सहकारिता विभाग के मंत्री राम कृपाल यादव तथा डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मंत्री नन्दकिशोर राम की अध्यक्षता में मत्स्यपालक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों विभागों में सहमति बनने के बाद सहकारिता विभाग की ओर से राज्य मंत्रिपरिषद के अनुमोदन के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

Bihar Fisheries Cooperative:प्रखंड स्तर की समितियां बनेंगी संघ की सदस्य

वर्तमान में बिहार में प्रखंड स्तर पर प्राथमिक मत्स्यजीवी सहकारी समितियां गठित हैं, लेकिन इनके बीच जिला और प्रमंडल स्तर की संबद्ध सहकारी संस्थाओं का अभाव है। नई व्यवस्था के तहत प्रखंड स्तर की प्राथमिक मत्स्यजीवी सहकारी समितियों को सदस्य बनाकर जिला और प्रमंडल स्तर पर मत्स्यजीवी सहकारी संघ गठित किए जाएंगे।

इसके बाद राज्य के सभी मत्स्यजीवी सहकारी संघों को राज्यस्तरीय मत्स्यजीवी सहकारी परिसंघ से जोड़ा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे मत्स्यजीवी सहकारी क्षेत्र को एक संगठित ढांचा मिलेगा और समितियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।


Key Highlights

  1. बिहार में जिला और प्रमंडल स्तर पर मत्स्यजीवी सहकारी संघ बनाए जाएंगे।

  2. सभी संघों को राज्यस्तरीय मत्स्यजीवी सहकारी परिसंघ से जोड़ा जाएगा।

  3. प्रखंड स्तर की प्राथमिक मत्स्यजीवी समितियां संघों की सदस्य होंगी।

  4. मत्स्य बीज, आहार और दवाओं जैसे इनपुट की उपलब्धता मजबूत होगी।

  5. मार्केटिंग, प्रोसेसिंग और जलीय कृषि के विकास को बढ़ावा मिलेगा।


Bihar Fisheries Cooperativeमत्स्यपालकों को मिलेंगे बेहतर इनपुट और मार्केटिंग की सुविधा

प्रस्तावित संघ और परिसंघ के जरिए मत्स्यपालकों को उच्च गुणवत्ता वाले मत्स्य बीज, मत्स्य आहार, दवाओं और अन्य जरूरी इनपुट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना है। इससे मत्स्य पालन और जलीय कृषि से जुड़े लोगों को समय पर आवश्यक संसाधन मिल सकेंगे।

इसके साथ ही मत्स्य उत्पादों की मार्केटिंग और प्रोसेसिंग की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य उत्पादन बढ़ाने के साथ मत्स्यपालकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।

Bihar Fisheries Cooperative: मत्स्य पालन और जलीय कृषि को मिलेगा बढ़ावा

मत्स्यजीवी सहकारी संघ और परिसंघ का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन तथा इससे जुड़ी गतिविधियों और अन्य जलीय उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देना है। संघ और परिसंघ स्वयं या सदस्य प्राथमिक समितियों और संघों के सहयोग से उत्पादन एवं संवर्द्धन से जुड़े कार्य करेंगे।

नई सहकारी संरचना के जरिए मत्स्य पालन के लिए जरूरी तकनीकी और उत्पादन संबंधी सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा। इससे बिहार में जलीय कृषि संसाधनों के विकास और उनके प्रभावी प्रबंधन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, निदेशक मत्स्य तुषार सिंगला समेत मत्स्यजीवी समूहों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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