Ranchi Jail Adalat: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची के तत्वावधान में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार में जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जेल अदालत में 49 बंदियों के आवेदनों पर सुनवाई की गई। सुनवाई के बाद 10 बंदियों को जेल अदालत का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया। स्वतंत्रता दिवस के दिन जेल से रिहाई मिलना संबंधित बंदियों के लिए विशेष अवसर रहा।
15 बेंच का किया गया गठन
जेल अदालत के सुचारू संचालन के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी समेत न्यायिक दंडाधिकारियों की कुल 15 बेंच का गठन किया गया था। इसमें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एसबी शर्मा, डालसा सचिव राकेश रौशन, न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा, भुपेश चंद्र समद, अभिषेक श्रीवास्तव, प्रशांत गुप्ता, नुमान आजम खान, प्रशांत कुमार वर्मा, सृष्टि कुमारी, अर्चना कुमारी, खुशबू त्यागी, रित्विका सिंह और रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी विजय कुमार यादव शामिल रहे। कार्यक्रम में एलएडीसीएस के सदस्यगण, काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर, कारापाल लवकुश कुमार, बंदी, जेल कर्मचारी और पीएलवी भी मौजूद रहे।
49 बंदियों के आवेदन पर हुई सुनवाई
बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में मौजूद 49 बंदियों के आवेदन जेल अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे। न्यायिक दंडाधिकारियों ने संबंधित मामलों की सुनवाई की। इसके बाद 10 बंदियों को जेल अदालत का लाभ मिला और उन्हें रिहा कर दिया गया। जेल अदालत के माध्यम से पात्र बंदियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत राहत उपलब्ध कराई गई।
बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों की दी गई जानकारी
जेल अदालत के साथ विधिक जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया। न्यायिक दंडाधिकारियों ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) की ओर से संचालित योजनाओं के बारे में बताया गया। बंदियों को डालसा के माध्यम से मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता और अन्य सुविधाओं की भी जानकारी दी गई।
भोजन की गुणवत्ता की जांच
कार्यक्रम के दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एसबी शर्मा और डालसा सचिव राकेश रौशन ने बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच की। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के लिए जेल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य जांच के लिए लगाया गया निःशुल्क शिविर
इसके बाद जेल परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। इसमें बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की गई। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा कि समय-समय पर बंदियों के स्वास्थ्य की जांच होनी चाहिए, ताकि गंभीर बीमारी की पहचान समय रहते की जा सके और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
साफ-सफाई और सुविधाओं पर भी जोर
डालसा सचिव राकेश रौशन ने जेल परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने बंदियों को डालसा, रांची के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी भी दी। स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित इस जेल अदालत में 49 बंदियों के मामलों की सुनवाई, 10 बंदियों की रिहाई, विधिक जागरूकता, भोजन की गुणवत्ता की जांच और स्वास्थ्य शिविर जैसे कार्यक्रम हुए। आयोजन के माध्यम से पात्र बंदियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत राहत देने के साथ उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी दी गई।
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