JSSC डिप्लोमा स्तरीय भर्ती परीक्षा गड़बड़ी में गिरफ्तार अरुण कुमार को लेकर CID को अहम जानकारी मिली है। 2022 में भी उसका नाम जांच में सामने आया था।
JSSC Diploma Exam Scam रांची: जेएसएससी डिप्लोमा स्तरीय भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही सीआइडी को दिल्ली से गिरफ्तार अरुण कुमार को लेकर कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच में सामने आया है कि बिहार सिपाही भर्ती से जुड़े कथित गबन मामले में जेल जा चुके अरुण कुमार ने जेल के दौरान ही झारखंड में नियुक्ति घोटाले की कथित साजिश की पटकथा तैयार की थी।
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि वर्ष 2022 में जेएसएससी परीक्षा गड़बड़ी की जांच के दौरान भी अरुण कुमार की बिहार वाली पृष्ठभूमि, जमानत और झारखंड में मिले काम से जुड़ी जानकारी पुलिस के सामने आ चुकी थी। यह जानकारी उस समय गिरफ्तार किए गए आरोपी अभिषेक ने पूछताछ में दी थी और केस डायरी में भी दर्ज की गई थी। इसके बावजूद अरुण कुमार की गिरफ्तारी में करीब चार साल लग गए।
JSSC Diploma Exam Scam:बिहार में गबन के आरोप में जेल गया था अरुण कुमार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2017-18 और 2018-19 में बिहार सिपाही भर्ती केंद्रीय चयन पर्षद की परीक्षा से जुड़ा टेंडर एक निजी कंपनी को मिला था। इस प्रक्रिया में अभ्यर्थियों से आवेदन शुल्क के रूप में वसूली गई रकम में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी। इसी मामले में अरुण कुमार को जेल भेजा गया था।
जेल में रहने के दौरान जमानत की कानूनी प्रक्रिया के सिलसिले में उसका संपर्क पटना हाईकोर्ट में सेक्शन अफसर रहे अभिषेक से हुआ। जांच एजेंसी के अनुसार, इसी दौरान अरुण ने अभिषेक और अन्य लोगों के साथ मिलकर झारखंड में सरकारी भर्तियों से जुड़ी कथित साजिश की योजना तैयार की।
बताया गया है कि गबन की रकम का एक हिस्सा जमा करने के बाद अरुण को जमानत मिली थी। इसके बाद भी जेल के दौरान बने संपर्कों का इस्तेमाल कर उसने कथित तौर पर आगे की योजना को अंजाम दिया।
Key Highlights
JSSC डिप्लोमा स्तरीय भर्ती परीक्षा गड़बड़ी में अरुण कुमार दिल्ली से गिरफ्तार।
2022 में ही पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने अरुण की जानकारी आ गई थी।
बिहार सिपाही भर्ती से जुड़े कथित गबन मामले में अरुण के जेल जाने की बात सामने आई।
रांची और हजारीबाग की दो कोचिंग संस्थानों में CID ने जांच कर दस्तावेज जब्त किए।
CID ने अरुण, कोचिंग संचालकों और कई सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की है।
JSSC Diploma Exam Scam:2022 में पुलिस को दी गई थी अरुण की पूरी जानकारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सितंबर 2022 में मामले में हुई एक गिरफ्तारी के दौरान आरोपी अभिषेक से पूछताछ की गई थी। पूछताछ में उसने अरुण कुमार की बिहार से जुड़ी पृष्ठभूमि, जमानत की परिस्थितियों और झारखंड में उसे मिले काम से संबंधित जानकारी पुलिस को दी थी।
यह पूरा विवरण केस डायरी में दर्ज होने की बात सामने आई है। इसके बावजूद अरुण कुमार उस समय गिरफ्तारी से बचता रहा। अब अगस्त 2026 में सीआइडी ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
पूछताछ के दौरान अरुण से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसी के सामने अब वही तथ्य फिर से आ रहे हैं, जो वर्ष 2022 की केस डायरी में पहले से दर्ज थे। इससे जांच की गति और पहले से उपलब्ध सूचनाओं पर कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
JSSC Diploma Exam Scam:रांची और हजारीबाग की कोचिंग में CID की जांच
जेपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच के दौरान सीआइडी ने रांची और हजारीबाग में भी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने रांची के लालपुर स्थित शिवांगन की पाठशाला और इसके निदेशक संजीत कुमार के रातू रोड स्थित आवास की जांच की। हजारीबाग में संचालित मेघा कोचिंग सेंटर में भी जांच की गई।
दोनों स्थानों से दस्तावेज जब्त किए गए हैं। सीआइडी अभय तिवारी, उसके भाई और उसकी पत्नी से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के आरोपी मो. एबाद से भी पूछताछ की गई है।
जांच के दौरान मो. एबाद ने परीक्षा उप नियंत्रक समेत अन्य लोगों पर ओएमआर शीट में कथित गड़बड़ी कराने का आरोप लगाया है। सीआइडी ने 18 अन्य सफल अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की है। पूछताछ में कोचिंग संस्थानों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद दोनों संस्थानों की जांच की गई।


















