Jharkhand Land Mutation: झारखंड में 65,556 दाखिल-खारिज मामले लंबित, निपटाये मामलों से ज्यादा आवेदन हुए खारिज

झारखंड में दाखिल-खारिज के 65,556 मामले लंबित हैं। अब तक 12.31 लाख मामलों का निपटारा हुआ, जबकि 12.69 लाख आवेदन खारिज हो चुके हैं।


Jharkhand Land Mutation रांची: झारखंड में जमीन दाखिल-खारिज यानी ई-म्यूटेशन की प्रक्रिया को लेकर बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के वसुधा पोर्टल के ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य में दाखिल-खारिज के 65,556 मामले लंबित हैं। अब तक राज्य में कुल 25,67,396 दाखिल-खारिज के मामले दर्ज किए गए हैं।

आंकड़ों का सबसे अहम पहलू यह है कि निपटाये गये मामलों की तुलना में अधिक आवेदन खारिज हुए हैं। पोर्टल के अनुसार 12,31,884 मामलों का निष्पादन किया गया है, जबकि 12,69,956 आवेदन खारिज हो चुके हैं। यानी निपटाये गये मामलों से 38,072 अधिक आवेदन खारिज किए गए हैं।

Jharkhand Land Mutation: 66 दिन में हो रहा दाखिल-खारिज का औसत निष्पादन

वसुधा पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक दाखिल-खारिज मामलों के निष्पादन में औसतन 66 दिन का समय लग रहा है। 22 अगस्त को राज्य में दाखिल-खारिज के 1,017 नए आवेदन प्राप्त हुए, जबकि 1,194 मामलों का निष्पादन किया गया। इसी दिन 958 आवेदन खारिज भी किए गए।

लंबित मामलों की प्रक्रिया अलग-अलग स्तरों पर अटकी हुई है। इनमें अंचल अधिकारी, राजस्व उपनिरीक्षक और संबंधित कार्यालयों के स्तर पर लंबित मामले शामिल हैं। जमीन की खरीद-बिक्री के बाद राजस्व रिकॉर्ड में नए मालिक का नाम दर्ज कराने के लिए दाखिल-खारिज जरूरी प्रक्रिया है।

Jharkhand Land Mutation: दस्तावेजों की कमी और जमीन विवाद बड़ी वजह

दाखिल-खारिज के आवेदन खारिज होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। बिक्री दस्तावेज, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र और पहचान संबंधी दस्तावेजों में कमी, गलत जानकारी या दस्तावेजों में आपसी विरोधाभास होने पर आवेदन निरस्त हो सकता है।

इसके अलावा जमीन के स्वामित्व को लेकर पहले से विवाद, अदालत में मामला लंबित होना या एक ही जमीन पर अलग-अलग लोगों के दावे होने की स्थिति में भी दाखिल-खारिज पर रोक लग सकती है।

खाता, प्लॉट, खेसरा नंबर, रकबा, मौजा या जमीन की प्रकृति से संबंधित जानकारी में रजिस्ट्री दस्तावेज और सरकारी रिकॉर्ड के बीच अंतर होने पर भी आवेदन खारिज किया जा सकता है। वहीं सरकारी, गैरमजरूआ, प्रतिबंधित हस्तांतरण वाली भूमि, भूदान या ऐसी जमीन जिसके हस्तांतरण पर कानूनी रोक है, उसके दाखिल-खारिज को मंजूरी नहीं मिलती।

 


Key Highlights

  • झारखंड में दाखिल-खारिज के 65,556 मामले अब भी लंबित हैं।

  • 12.31 लाख मामलों का निष्पादन हुआ, जबकि 12.69 लाख आवेदन खारिज हुए।

  • निपटाये गये मामलों की तुलना में 38,072 अधिक आवेदन खारिज हुए।

  • दस्तावेजों की कमी, जमीन विवाद और रिकॉर्ड में अंतर प्रमुख कारण हैं।

  • सरकार ने म्यूटेशन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने का दावा किया है।


Jharkhand Land Mutation: मंत्री बोले, प्रक्रिया को बनाया जाएगा आसान और पारदर्शी

भू-राजस्व मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि म्यूटेशन जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर होता है और इसकी प्रक्रिया जटिल है। इसमें अपील का भी प्रावधान है। प्रक्रियागत कारणों से मामलों के निपटारे में विलंब होता है और इसके लिए किसी एक पक्ष को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दाखिल-खारिज की जटिल प्रक्रिया को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए प्रयास कर रही है। इसका परिणाम जल्द जनता को दिखाई देगा। मंत्री ने यह भी कहा कि निस्तारण से अधिक म्यूटेशन आवेदन खारिज होने की स्थिति से सरकार अवगत है।

Jharkhand Land Mutation: आंकड़े बयां कर रहे जमीनी हकीकत

  • दाखिल-खारिज के कुल मामले: 25,67,396
  • लंबित मामले: 65,556
  • निपटाये गये मामले: 12,31,884
  • खारिज आवेदन: 12,69,956
  • निष्पादन में औसत समय: 66 दिन
  • 22 अगस्त को नए आवेदन: 1,017
  • 22 अगस्त को निपटाये गये मामले: 1,194
  • 22 अगस्त को खारिज आवेदन: 958

 

PM Fasal Bima Yojana: दो साल में 73 लाख किसानों ने...

 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से दो साल में 73 लाख किसान बाहर हो गए। क्लेम के आकलन में गड़बड़ी, भुगतान में देरी और कम...

FJCCI Election 2026: 13 सितंबर को होगा चेंबर चुनाव, 31 अगस्त...

FJCCI चुनाव की तारीख तय होते ही कारोबारी संगठन में सरगर्मी बढ़ गई है। 13 सितंबर को चुनाव होगा, जबकि 31 अगस्त से 1...

JSSC CGL Paper Leak: CID ने अभय तिवारी से की लंबी...

 JSSC CGL परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID ने अभय तिवारी से पूछताछ की। जांच में 16 अभ्यर्थियों को उत्तर रटाने और 12 लाख रुपये...