JSSC CGL परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID ने अभय तिवारी से पूछताछ की। जांच में 16 अभ्यर्थियों को उत्तर रटाने और 12 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी लेने का आरोप सामने आया है।
JSSC CGL Paper Leak रांची: जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही सीआइडी ने रविवार को साइबर थाने में रिमांड पर लिये गये मुख्य आरोपित टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी से लंबी पूछताछ की। जांच टीम उसके पुराने बयानों और अब तक जुटाये गये साक्ष्यों का मिलान कर कथित पेपर लीक के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
अभय तिवारी के अलावा उसके भाई अक्षय कुमार तिवारी और पत्नी सुषमा कुमारी से भी अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। सीआइडी इस मामले में 18 अन्य संदिग्धों और संबंधित लोगों से भी पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी अभय की भूमिका को अहम मान रही है।
JSSC CGL Paper Leak:65 सवालों के उत्तर पहले ही मिलने का दावा
जांच के अनुसार, अभय तिवारी ने अपने पूर्व के बयान में परीक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे किए थे। उसके मुताबिक, बोकारो के एक क्वार्टर को ठिकाना बनाकर 16 लोगों को परीक्षा के प्रश्नों के उत्तर पहले से रटाये गये थे। इस दौरान मिथिलेश सिंह और राकेश सिंह की मौजूदगी की बात भी सामने आई है।
आरोप है कि 65 प्रश्नों के उत्तर परीक्षा से पहले ही उपलब्ध करा दिए गए थे। इसके बदले प्रत्येक अभ्यर्थी से 12 लाख रुपये लिए जाने की बात कही गई है। जांच के अनुसार इसी नेटवर्क के सहारे अभय तिवारी ने परीक्षा में 48वीं रैंक हासिल की थी।
सीआइडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नों के उत्तर कहां से मिले, उन्हें अभ्यर्थियों तक किस माध्यम से पहुंचाया गया और पैसे किन-किन लोगों के हाथों से गुजरे।
Key Highlights
CID ने रिमांड पर लिये गये अभय तिवारी से लंबी पूछताछ की।
जांच में 16 अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले उत्तर रटाने का आरोप सामने आया।
प्रत्येक अभ्यर्थी से 12 लाख रुपये लेने की बात जांच में सामने आई है।
मो. एबाद के बयान में श्वेता गुप्ता पर मिलीभगत का आरोप लगाया गया है, जिसकी पुष्टि होना बाकी है।
सरकार विवादित JSSC CGL परीक्षा पहले ही रद्द कर चुकी है।
JSSC CGL Paper Leak:TDPL से Webel तक कैसे पहुंचा उत्तर का नेटवर्क
अभय तिवारी के पूर्व के बयान के अनुसार, टीडीपीएल को परीक्षा संचालन से हटाकर जिम्मेदारी वेबल एजेंसी को दिए जाने के दौरान उसका संपर्क वेबल से जुड़े उमाकांत प्रमाणिक से हुआ था। जांच एजेंसी इसी संपर्क को पेपर लीक के कथित नेटवर्क की अहम कड़ी मानकर पड़ताल कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि अभय का भाई अक्षय और पत्नी सुषमा भी परीक्षा में सफल हुए थे। दोनों की गिरफ्तारी के बाद सीआइडी तीनों से कभी एक साथ और कभी अलग-अलग बैठाकर पूछताछ कर रही है।
जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को कथित नेटवर्क तक पहुंचाने में किन एजेंटों की भूमिका थी और रकम का लेनदेन किस तरह किया गया।
JSSC CGL Paper Leak:मो एबाद के बयान में श्वेता गुप्ता पर आरोप
मामले में एक अन्य आरोपित मो. एबाद का बयान भी सीआइडी ने लिया है। उसके बयान में जेपीएससी की परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता गुप्ता पर अभय तिवारी और अन्य आरोपितों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की जांच के स्तर पर अभी पुष्टि नहीं हुई है।
सीआइडी इस पहलू की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी फिलहाल दो स्तरों पर काम कर रही है। एक तरफ प्रश्नपत्र के उत्तर उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं, तो दूसरी ओर अभ्यर्थियों को कथित नेटवर्क तक पहुंचाने वाले एजेंटों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
सरकार विवादित सीजीएल परीक्षा को पहले ही रद्द कर चुकी है। अब सीआइडी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में गड़बड़ी की शुरुआत कहां से हुई, उत्तर कितने अभ्यर्थियों तक पहुंचे और पूरे मामले में पैसों का लेनदेन किन-किन लोगों के माध्यम से हुआ।


















