JPSC Scam: 500 अभ्यर्थियों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े के संकेत, CID खंगाल रही सफल अभ्यर्थियों की Money Trail

 झारखंड JPSC परीक्षा धांधली मामले में CID करीब डेढ़ दर्जन सफल अभ्यर्थियों की Money Trail खंगाल रही है। जांच में 500 नियुक्तियों में फर्जीवाड़े के संकेत मिले हैं।


JPSC Scam रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग की विभिन्न परीक्षाओं में हुई कथित धांधली की जांच कर रही सीआईडी अब करीब डेढ़ दर्जन ऐसे अभ्यर्थियों की मनी ट्रेल खंगाल रही है, जो कथित सेटिंग के जरिए परीक्षा पास करने में सफल हुए थे। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा फर्जीवाड़े का नेटवर्क किस स्तर तक फैला है और इसमें कितनी रकम का लेनदेन हुआ।

सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और छापेमारी में मिले दस्तावेजों के आधार पर सीआईडी को कई अहम सुराग मिले हैं। अब एजेंसी संबंधित अभ्यर्थियों के बैंक खातों की जानकारी जुटाने के लिए विभिन्न बैंकों से पत्राचार कर रही है। इसका उद्देश्य पैसों के वास्तविक स्रोत और गंतव्य की पुष्टि करना है।

प्रारंभिक जांच में अलग-अलग परीक्षाओं के करीब 500 अभ्यर्थियों की नियुक्ति कथित तौर पर फर्जी तरीके से कराए जाने के संकेत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, इसके एवज में 15 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह रकम और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

JPSC Scam: अभय तिवारी की रिमांड तीन दिन बढ़ी, पत्नी और भाई जेल भेजे गए

टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी से और पूछताछ की जरूरत बताते हुए सीआईडी ने उसकी रिमांड अवधि तीन दिन और बढ़ा दी है। वहीं उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

मामले की जांच कर रही एसआईटी आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। अब तक 60 से अधिक संदिग्धों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पूछताछ के दौरान अभय तिवारी ने पहले बताया था कि 12-12 लाख रुपये देकर पेपर लीक कराया गया था। उसने यह भी दावा किया था कि बोकारो में अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर रटवाए गए थे और वह खुद भी इस प्रक्रिया से सफल हुआ था।

जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के पेपर लीक मामले में परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी वेबेल पर भी आरोप लगाए गए हैं। सीआईडी को एजेंसी के मालिक मिथिलेश सिंह की तलाश है।


Key Highlights

  • CID करीब डेढ़ दर्जन सफल अभ्यर्थियों की Money Trail खंगाल रही है

  • करीब 500 अभ्यर्थियों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े के संकेत मिले हैं

  • कथित तौर पर 15 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के संकेत, आधिकारिक पुष्टि नहीं

  • अभय तिवारी की रिमांड अवधि तीन दिन और बढ़ाई गई

  • पूर्व JPSC अध्यक्ष समेत पांच आरोपियों की जमानत पर 2 सितंबर को सुनवाई


JPSC Scam: पूर्व JPSC अध्यक्ष समेत पांच की जमानत पर 2 सितंबर को सुनवाई

14वें जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले में पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल ख्यांग्ते, अभय कुमार तिवारी, श्वेता गुप्ता, सुमन सौरव और उमेश कुमार की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।

अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने सुनवाई के बाद सभी की जमानत याचिकाओं पर अगली सुनवाई के लिए 2 सितंबर की तारीख निर्धारित की। इस दौरान सीआईडी ने अदालत में केस डायरी प्रस्तुत की।

गौरतलब है कि सीआईडी ने 10 अगस्त को एल ख्यांग्ते को गिरफ्तार किया था। इससे पहले 22 जुलाई को अभय कुमार तिवारी को गोड्डा से गिरफ्तार किया गया था। अभय ब्लैक लिस्टेड कंपनी टीडीपीएल का मार्केटिंग मैनेजर था, जबकि श्वेता गुप्ता जेपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर थीं।

जेपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर मिली अलग-अलग शिकायतों के बाद सीआईडी पूरे मामले की जांच कर रही है।

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