RIMS MBBS Admission 2026: रिम्स में MBBS दाखिले से पहले होगी जाति प्रमाण पत्र की जांच, फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बनी 6 सदस्यीय कमेटी

RIMS MBBS Admission 2026: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में इस बार 250 एमबीबीएस सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया में जाति प्रमाण पत्रों की जांच को लेकर विशेष सख्ती बरती जाएगी। पूर्व में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर दाखिले से जुड़ी शिकायतों और विवादों को देखते हुए रिम्स प्रबंधन ने दस्तावेज सत्यापन की नई व्यवस्था तैयार की है। नई व्यवस्था के तहत छात्रों के जाति प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच दाखिले के समय ही की जाएगी। इसके बाद प्रमाण पत्रों का संबंधित जिले के उपायुक्त कार्यालय से सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही दाखिले को अंतिम रूप दिया जाएगा।

फर्जी प्रमाण पत्र रोकने के लिए 6 सदस्यीय कमेटी

रिम्स प्रबंधन ने दस्तावेजों की जांच के लिए मेडिकल सुपरिटेंडेंट की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी एमबीबीएस दाखिले के दौरान छात्रों के जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य संबंधित शैक्षणिक दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच करेगी। जांच में दस्तावेज सही पाए जाने के बाद ही संबंधित छात्र को अस्थायी दाखिला दिया जाएगा। इसके बाद प्रमाण पत्रों के सत्यापन की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।

संबंधित जिले के डीसी कार्यालय से होगा सत्यापन

अस्थायी दाखिले के बाद छात्रों के जाति प्रमाण पत्र को संबंधित गृह जिले के उपायुक्त कार्यालय में सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। वहां प्रशासनिक स्तर पर प्रमाण पत्र की सत्यता की जांच की जाएगी। डीसी कार्यालय से सत्यापन रिपोर्ट रिम्स को मिलने के बाद ही दाखिले को अंतिम रूप दिया जाएगा। यदि दस्तावेजों में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दाखिले में अपनाई जाएगी दो स्तर की जांच प्रक्रिया

रिम्स की नई व्यवस्था के तहत दाखिले में दो स्तर पर दस्तावेजों की जांच होगी। पहले चरण में छह सदस्यीय कमेटी छात्रों के प्रमाण पत्रों और अन्य दस्तावेजों की जांच करेगी। प्रारंभिक जांच में सही पाए जाने के बाद ही अस्थायी नामांकन दिया जाएगा। दूसरे चरण में जाति प्रमाण पत्र को संबंधित जिले के डीसी कार्यालय भेजकर उसका सत्यापन कराया जाएगा। सकारात्मक सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद ही नामांकन को स्थायी रूप से मंजूरी दी जाएगी।

पारदर्शी दाखिला प्रक्रिया पर रिम्स का जोर

रिम्स के पीआरओ डॉ. शिशिर महतो ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर होने वाले दाखिले को रोकना और नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि छह सदस्यीय कमेटी की जांच और डीसी कार्यालय से सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किसी छात्र के दाखिले को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस व्यवस्था से रिम्स में एमबीबीएस दाखिले के दौरान दस्तावेजों की सत्यता की जांच अधिक व्यवस्थित तरीके से किए जाने की उम्मीद है।

Dhanbad Nagar Nigam Accident: धनबाद में नगर निगम के कचरा वाहन...

Dhanbad Nagar Nigam Accident: धैया ठाकुरकुल्ही निवासी 32 वर्षीय मिथलेश रजक की नगर निगम के कचरा वाहन की चपेट में आने के बाद इलाज...

Gumla Girls Subroto Cup: गुमला की बेटियों ने रचा इतिहास, सुब्रतो...

Gumla Girls Subroto Cup: दिल्ली के डॉ. बी.आर. आंबेडकर स्टेडियम में गुमला की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए झारखंड को 65वें सुब्रतो मुखर्जी...

Ranchi CBI Raid: रिश्वतखोरी के आरोप में 3 सरकारी अधिकारी गिरफ्तार,...

Ranchi CBI Raid: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रांची में कथित रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए डोरंडा स्थित रीजनल पे एंड अकाउंट्स...