Jharia Rehabilitation: प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने अपने दो दिवसीय धनबाद दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को धनबाद समाहरणालय सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में झरिया पुनर्वास योजना, अग्निप्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों के सुरक्षित विस्थापन, कोयला उत्पादन बढ़ाने और कोयले के निर्बाध परिवहन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गयी। बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, धनबाद रेल मंडल के डीआरएम अखिलेश मिश्रा, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
झरिया पुनर्वास योजना की प्रगति पर हुई समीक्षा
बैठक का प्रमुख फोकस झरिया पुनर्वास योजना को गति देना रहा। अग्निप्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति की जानकारी अधिकारियों से ली गयी। तरुण कपूर ने विभिन्न कोयला परियोजनाओं और विस्थापन से जुड़े कार्यों की प्रगति, तय समयसीमा और सामने आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से यह भी जाना कि पुनर्वास की प्रक्रिया में किन स्तरों पर अड़चनें आ रही हैं और उन्हें दूर करने के लिए क्या कदम उठाये जा रहे हैं।
बेलगड़िया में सुरक्षित पुनर्वास पर जोर
बैठक के दौरान अग्निप्रभावित क्षेत्रों में रह रहे परिवारों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर बसाने पर विशेष जोर दिया गया। तरुण कपूर ने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में रहना लोगों के लिए खतरनाक है। इसलिए प्रभावित परिवारों को विश्वास में लेकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करना जरूरी है। बेलगड़िया पुनर्वास स्थल पर स्थानांतरित परिवारों को बेहतर जीवन-व्यवस्था उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। पुनर्वास का उद्देश्य केवल लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
नई कॉलोनियों में सुविधाओं पर जोर
समीक्षा बैठक में पुनर्वास स्थलों पर उपलब्ध सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की गयी। तरुण कपूर ने कहा कि नई कॉलोनियों में स्कूल, अस्पताल, सड़क, साफ-सफाई और बेहतर वातावरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलने से पुनर्वास की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। अधिकारियों से पुनर्वास कार्यों को तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाने और संबंधित समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा की गयी।
कोयला उत्पादन और परिवहन पर भी मंथन
झरिया पुनर्वास के साथ बैठक में कोयला उत्पादन और परिवहन का मुद्दा भी प्रमुख रहा। धनबाद देश के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। आने वाले समय में कोयला उत्पादन बढ़ाने की योजना को देखते हुए कोयले की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। रेलवे और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत को लेकर भी अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श हुआ। बैठक में यह जानने का प्रयास किया गया कि कोयला उत्पादन और उसके परिवहन में किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
आगे की कार्रवाई पर रहेगी नजर
बैठक में केंद्र सरकार की ओर से धनबाद की कोयला उत्पादन और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में संभावित सहयोग को लेकर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री के सलाहकार का धनबाद दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब झरिया पुनर्वास और अग्निप्रभावित क्षेत्रों से विस्थापन की प्रक्रिया को गति देने पर जोर दिया जा रहा है। अब देखना होगा कि बैठक में हुई समीक्षा के बाद झरिया पुनर्वास योजना और बेलगड़िया शिफ्टिंग से जुड़े कार्यों में कितनी तेजी आती है। साथ ही, कोयला उत्पादन और निर्बाध परिवहन को लेकर अधिकारियों को दिए गये दिशा-निर्देशों का जमीन पर कितना प्रभाव दिखाई देता है।



















