Bihar Flood Alert 2026: गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और पटना के गांधी घाट पर उच्चतम बाढ़ स्तर यानी Highest Flood Level (HFL) पार होने के बाद बिहार के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि गांधी घाट पर बढ़े जलस्तर का दबाव अब नदी के निचले इलाकों की ओर बढ़ेगा। विभाग के अनुसार, इसका असर अगले एक से तीन दिनों के दौरान हाथीदह और उसके बाद स्थित डाउनस्ट्रीम गेज स्टेशनों पर देखने को मिल सकता है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिले के गंगा तटवर्ती इलाकों में विशेष निगरानी और सतर्कता की जरूरत बताई गई है।
अगले एक से तीन दिनों तक डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों पर रहेगा असर
जल संसाधन विभाग के अनुसार, गांधी घाट पर जलस्तर बढ़ने के बाद पानी की लहर अब डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है। इसका प्रभाव सबसे पहले हाथीदह क्षेत्र और उसके बाद गंगा नदी के निचले हिस्से में स्थित अन्य गेज स्टेशनों पर पड़ने की संभावना है। विभाग ने अनुमान जताया है कि हाथीदह में जलस्तर पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर के आसपास पहुंच सकता है या उसे पार भी कर सकता है। इस संभावना को देखते हुए संबंधित जिलों के प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जलस्तर की स्थिति में तेजी से बदलाव की संभावना को देखते हुए अगले कुछ दिन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
बेगूसराय से कटिहार तक विशेष निगरानी के निर्देश
गंगा नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों के गंगा किनारे स्थित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। संबंधित पदाधिकारियों और क्षेत्रीय अधिकारियों को नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जलस्तर में किसी भी असामान्य वृद्धि की सूचना तत्काल संबंधित विभागों तक पहुंचाई जाए। निचले और संवेदनशील इलाकों की स्थिति पर भी विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
तटबंधों और संवेदनशील स्थानों की होगी नियमित जांच
जल संसाधन विभाग ने नदी किनारे स्थित तटबंधों, संवेदनशील स्थानों और निचले इलाकों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर एहतियाती कदम पहले से उठाने के लिए कहा गया है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की देरी न हो। विभागीय और क्षेत्रीय अभियंताओं को बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सभी संसाधनों और मशीनरी को तैयार स्थिति में रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था की निगरानी लगातार जारी रखने पर जोर दिया गया है।
नावों की ओवरलोडिंग रोकने और लोगों को जागरूक करने की सलाह
जल संसाधन विभाग ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों से भी सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक रूप से नदी के नजदीक नहीं जाने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन को नावों के परिचालन पर विशेष निगरानी रखने का परामर्श दिया गया है। नावों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने यानी ओवरलोडिंग रोकने पर भी जोर दिया गया है। प्रशासन को लोगों तक लगातार जरूरी जानकारी पहुंचाने और उन्हें संभावित बाढ़ की स्थिति के प्रति जागरूक रखने के लिए कहा गया है।
प्रशासन को पहले से तैयारी रखने के निर्देश
गांधी घाट पर HFL पार होने के बाद गंगा नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जल संसाधन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार के गंगा तटवर्ती क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक विशेष निगरानी रखी जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नदी के जलस्तर, तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की स्थिति पर सतत नजर रखते हुए आवश्यकता के अनुसार एहतियाती और सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएंगे। ऐसे में गंगा किनारे रहने वाले लोगों से प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, नदी के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले निर्देशों का पालन करें।



















