Patna Flood Alert: बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और सरकार की चिंता बढ़ा दी है। कई घाटों पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे पटना के लिए बाढ़ का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड में रखा गया है और तटवर्ती इलाकों में विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि गंगा का जलस्तर अपने उच्चतम स्तर को पार कर गया है। उनके अनुसार, वर्ष 2016 में दर्ज उच्चतम स्तर को गंगा ने शुक्रवार को दिन में करीब 10:30 बजे पार कर लिया। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा हर परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
2016 के उच्चतम स्तर को पार करने का दावा
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर कहा कि नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में दर्ज गंगा के उच्चतम स्तर को शुक्रवार को पार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में अधिकारियों को तैनात किया गया है। प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयारी की जा रही है। सरकार का कहना है कि राहत और बचाव कार्यों को लेकर सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
बक्सर से कटिहार तक 13 जिलों पर विशेष नजर
बिहार में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री की ओर से बड़ा निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत बक्सर से कटिहार तक गंगा के तटवर्ती 13 जिलों में राहत और बचाव कार्यों की विशेष निगरानी की जाएगी। इन जिलों के प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। उन्हें बाढ़ प्रभावित इलाकों में कैंप कर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। बढ़ते जलस्तर के बीच सरकार ने राहत कार्यों के गहन पर्यवेक्षण पर जोर दिया है, ताकि स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे।
इन जिलों में राहत-बचाव कार्यों की होगी निगरानी
मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण और वैशाली जिलों में विशेष निगरानी की जाएगी। इसके अलावा बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय और खगड़िया में भी प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिवों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में भी गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राहत और बचाव कार्यों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पटना शहरी क्षेत्र और सुरक्षा तटबंध पर विशेष निगरानी
पटना शहरी क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। खासतौर पर पटना शहरी सुरक्षा तटबंध के आसपास के क्षेत्रों पर प्रशासन की नजर रहेगी। पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा गया है। संवेदनशील और निचले इलाकों में स्थिति की लगातार निगरानी की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है कि जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें।
हर परिस्थिति से निपटने के लिए सरकार तैयार
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों पर अधिकारी और प्रशासनिक टीमें तैनात हैं। बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए सरकार हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर रही है। पटना समेत गंगा के तटवर्ती जिलों में जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार की प्राथमिकता राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
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