बरहरवा में SIR दस्तावेज सत्यापन के दौरान चार फर्जी निवास प्रमाण पत्र मिले। 200 रुपये लेकर प्रमाण पत्र बनाने के आरोप में पांच लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हुई।
SIR Verification साहिबगंज:साहिबगंज के बरहरवा में SIR दस्तावेज सत्यापन के दौरान फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया है। जांच में चार लोगों के निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। आरोप है कि प्रज्ञा केंद्र संचालक ने 200 रुपये लेकर इन प्रमाण पत्रों को बनवाया था। मामले में प्रज्ञा केंद्र संचालक मो. शमीम समेत पांच लोगों के खिलाफ बरहरवा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
SIR Verification :SIR सत्यापन के दौरान सामने आया फर्जीवाड़ा
शनिवार को झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने उपायुक्त दीपक दुबे के साथ बरहरवा प्रखंड मुख्यालय और बेलपहाड़ी गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने SIR कार्य की प्रगति और दस्तावेज सत्यापन की स्थिति का जायजा लिया।
SIR प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों की जांच के दौरान बरहरवा बीडीओ सन्नी कुमार दास को आहुतग्राम पंचायत के बूथ संख्या 55 से जुड़े चार लोगों के निवास प्रमाण पत्र पर संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने प्रमाण पत्रों की जांच के लिए अंचल कार्यालय को पत्र भेजा।
Key Highlights
- बरहरवा में SIR दस्तावेज सत्यापन के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा
- चार लोगों के निवास प्रमाण पत्र जांच में फर्जी पाए गए
- 200 रुपये लेकर प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप
- प्रज्ञा केंद्र संचालक मो. शमीम समेत पांच पर प्राथमिकी
- CEO के रवि कुमार के निर्देश पर दर्ज हुआ मामला
SIR Verification :चार निवास प्रमाण पत्र जांच में निकले फर्जी
अंचल कार्यालय की जांच में रबी शेख, पिंटू शेख, संटु शेख और रुबेदा बीबी के निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन प्रमाण पत्रों को गांव के प्रज्ञा केंद्र संचालक मो. शमीम ने कथित तौर पर 200 रुपये लेकर बनवाया था।
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और आगे की कार्रवाई शुरू की। फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और इस्तेमाल करने से जुड़े पूरे मामले की जांच की जा रही है।
SIR Verification :CEO के निर्देश पर दर्ज हुई प्राथमिकी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार को मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बीडीओ को प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। इसके बाद बरहरवा थाना में प्रज्ञा केंद्र संचालक मो. शमीम समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
SIR के दौरान फर्जी दस्तावेज मिलने का यह मामला प्रशासन और निर्वाचन विभाग के लिए गंभीर माना जा रहा है। अब पुलिस प्राथमिकी में नामजद लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने में और कौन लोग शामिल थे।


















