जेएसएससी सीजीएल गड़बड़ी मामले में CID ने कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया है। उस पर सिंडिकेट के साथ मिलकर 20 से अधिक अभ्यर्थियों को गलत तरीके से सफल कराने का आरोप है।
JSSC CGL Scam रांची: JSSC CGL परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुंदन कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया है। कुंदन कुमार पलामू जिले के नौडिहा बाजार थाना क्षेत्र के नमोदाग निवासी रामलाल राम का पुत्र है।
CID को मिली शिकायत के अनुसार कुंदन कुमार पर सिंडिकेट के साथ मिलकर खुद और 20 से अधिक अन्य अभ्यर्थियों को जेएसएससी की परीक्षाओं में गलत तरीके से सफल कराने का आरोप है। आरोप है कि उसने परीक्षा संचालित करने वाली कंपनी ICN के मिथिलेश सिंह के साथ मिलकर इस गड़बड़ी को अंजाम दिया।
JSSC CGL Scam:शिकायत में भाई समेत कई लोगों के नाम
मामले से जुड़ी शिकायत में कुंदन कुमार के भाई विकास कुमार, रवि, धर्मेंद्र समेत कुछ अन्य लोगों के नाम का भी उल्लेख किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सिंडिकेट के जरिए 20 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन कराया गया। इनमें कुछ अभ्यर्थी वर्तमान में सरकार के विभिन्न पदों पर कार्यरत बताए जा रहे हैं।
इसी शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर CID ने कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया है। अब उससे पूछताछ के जरिए इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और परीक्षा में कथित गड़बड़ी के तरीके की जानकारी जुटाने की कोशिश की जाएगी।
Key Highlights
- CID ने JSSC CGL गड़बड़ी मामले में पलामू निवासी कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया
- कुंदन पर खुद समेत 20 से अधिक अभ्यर्थियों को गलत तरीके से सफल कराने का आरोप
- परीक्षा संचालित करने वाली कंपनी ICN के मिथिलेश सिंह के साथ मिलीभगत का आरोप
- शिकायत में कुंदन के भाई विकास कुमार, रवि, धर्मेंद्र समेत अन्य लोगों के नाम का उल्लेख
- CID की जांच में JSSC CGL घोटाले से जुड़े नए तथ्य और नए सिंडिकेट का खुलासा हो रहा है
JSSC CGL Scam:JSSC कार्यालय से दस्तावेज जब्त कर चुकी है CID
JSSC CGL मामले की जांच के दौरान CID पहले ही झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय पहुंचकर नियुक्ति और परीक्षा से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर चुकी है। जांच में सामने आ रहे तथ्यों के आधार पर एजेंसी अब कथित सिंडिकेट के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
कुंदन कुमार का नाम इस मामले में पहले भी सामने आया था। उसकी कथित गतिविधियों को लेकर 3 सितंबर को प्रकाशित रिपोर्ट में भी जानकारी दी गई थी। अब गिरफ्तारी के बाद CID की पूछताछ में मामले से जुड़े नए तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।


















