JSSC CGL नियुक्ति घोटाले में CID को नए सिंडिकेट का पता चला है। 20 से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर सवाल हैं। दो एजेंसी कर्मियों की रिमांड बढ़ी।
JSSC CGL Scam रांची: जेएसएससी सीजीएल नियुक्ति घोटाले की जांच कर रही सीआइडी को एक नये सिंडिकेट के शामिल होने की जानकारी मिली है। जांच एजेंसी के अनुसार इस सिंडिकेट के जरिये 20 से अधिक अभ्यर्थियों की कथित तौर पर गलत तरीके से नियुक्ति करायी गयी। इनमें कई अभ्यर्थी फिलहाल विभिन्न सरकारी विभागों में पदस्थापित हैं।
नये खुलासे के बाद सीआइडी ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी एजेंसियों वेबेल, बिंसिस और आइसीएन के कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है। ये एजेंसियां परीक्षा संचालन के तकनीकी कामकाज से जुड़ी रही हैं। हालांकि, एजेंसी कर्मचारियों की संलिप्तता से जुड़े आरोपों की सीआइडी अभी सत्यता की जांच कर रही है।
JSSC CGL Scam:अभ्यर्थी कुंदन ने दी नये सिंडिकेट की जानकारी
सीआइडी ने बुधवार को रांची समेत कुछ जिलों में 20 से अधिक अभ्यर्थियों से पूछताछ की। पिछले दो दिनों में करीब 50 अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है। सीआइडी सूत्रों के अनुसार कुंदन कुमार नामक एक अभ्यर्थी ने नये सिंडिकेट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
कुंदन ने खुद भी एक परीक्षा में सफलता हासिल की थी। आरोप है कि उसने अपने भाई समेत 20 अन्य अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाने में भूमिका निभायी। जांच एजेंसी को यह मामला अभय तिवारी से जुड़े सिंडिकेट की तरह ही एक अलग नेटवर्क का हिस्सा होने का संदेह है। हालांकि, दोनों सिंडिकेट के बीच किसी तरह के आपसी संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
सीआइडी अब इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और कथित लाभार्थियों की पहचान करने में जुटी है।
Key Highlights
- JSSC CGL नियुक्ति घोटाले में सीआइडी को नये सिंडिकेट की जानकारी मिली।
- 20 से अधिक अभ्यर्थियों की कथित गलत नियुक्ति की जांच हो रही है।
- वेबेल और आइसीएन से जुड़े दो कर्मियों की रिमांड तीन दिन बढ़ी।
- सीआइडी अब तक 200 से अधिक लोगों से पूछताछ और 27 लोगों को जेल भेज चुकी है।
- जेपीएससी मामले में पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते की जमानत पर पांच सितंबर को फैसला होगा।
JSSC CGL Scam:दो एजेंसी कर्मियों की रिमांड तीन दिन बढ़ी
नये खुलासे के बाद सीआइडी ने वेबेल और आइसीएन से जुड़े सोमांश कुमार और राहुल प्रकाश की रिमांड अवधि तीन दिन के लिए बढ़वा ली है। दोनों को दिल्ली से 27 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले सीआइडी पांच दिनों तक दोनों से पूछताछ कर चुकी है और बुधवार को उन्हें जेल भेजने का प्रस्ताव था।
अब दोनों से अगले तीन दिनों तक फिर पूछताछ की जायेगी। इस दौरान नये सिंडिकेट के दायरे, परीक्षा प्रक्रिया में संभावित भूमिका और अन्य लाभार्थियों की पहचान पर विशेष फोकस रहने की संभावना है।
सीआइडी की एसआइटी अब तक जेएसएससी परीक्षा मामले में 200 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है, जबकि 27 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। इनमें अधिकांश जेएसएससी के सफल अभ्यर्थी और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसियों के लोग हैं। प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले की जांच कर रहा है। वहीं सीआइडी टीडीपीएल से जुड़े अभय तिवारी और उससे संबंधित लोगों की मनी ट्रेल की भी जांच कर रही है।
JSSC CGL Scam:एल खियांग्ते की जमानत पर फैसला पांच सितंबर को
इधर, जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में आरोपी जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते की जमानत याचिका पर बुधवार को सीआइडी के विशेष न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई पूरी हो गयी। अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब पांच सितंबर को खियांग्ते की जमानत याचिका पर फैसला सुनाया जायेगा।
इसी मामले में आरोपी अभय तिवारी की जमानत याचिका पर भी सीआइडी की ओर से बहस पूरी कर ली गयी है।


















