Bihar Flood Relief Samrat Chaudhary: बिहार में मानसूनी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य के करीब 12 से 13 जिले बाढ़ के प्रभाव में हैं और लाखों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राहत एवं बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे और राहत शिविरों में लोगों से सीधे संवाद की चर्चा हो रही है।
मुख्यमंत्री ने वैशाली और सारण जिले के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हाजीपुर और सोनपुर में संचालित राहत शिविरों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
राहत शिविरों में पहुंचे मुख्यमंत्री, लोगों से सीधे की बातचीत
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राहत शिविरों में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। दौरे के दौरान उन्होंने राहत शिविर में लोगों को भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर भोजन भी किया।
मुख्यमंत्री ने शिविरों में संचालित आंगनबाड़ी और शैक्षणिक गतिविधियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, खान-पान और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
स्वास्थ्य शिविरों में जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा पशु चिकित्सा शिविरों में दवाओं और पशु चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बाढ़ में मौत के मामलों में आश्रितों को मिली सहायता
बाढ़ के दौरान डूबने से हुई मौत के मामलों में मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत शिविरों और प्रभावित क्षेत्रों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राहत और बचाव कार्यों में तेजी बनाए रखने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
12 राहत शिविरों में 7,368 लोगों के लिए व्यवस्था
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए राज्य में व्यापक स्तर पर राहत अभियान चलाया जा रहा है।
वर्तमान में 12 राहत शिविरों का संचालन किया जा रहा है। इन शिविरों में 7,368 बाढ़ प्रभावित लोगों के रहने, भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा प्रभावित इलाकों में 238 सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग के अनुसार, अब तक करीब 5.12 लाख थाली भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराया जा चुका है।

नावों, SDRF और NDRF की टीमों के जरिए बचाव अभियान
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान को गति देने के लिए 1,740 नावों की व्यवस्था की गई है। इन नावों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्यों के लिए SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें भी तैनात हैं। इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों के बीच 92,600 पॉलीथिन शीट और 19,100 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जाने की जानकारी दी गई है।
राहत शिविरों में रह रहे कुछ लोगों ने भोजन, दवाइयों, बच्चों की देखभाल और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था पर संतोष जताया है। वैशाली के नरेश भगत और अन्य प्रभावित लोगों ने राहत कार्यों के लिए सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
बाढ़ की चुनौती के बीच मुख्यमंत्री का प्रभावित क्षेत्रों का दौरा और राहत व्यवस्थाओं की निगरानी चर्चा में है। हालांकि, प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का आकलन आने वाले दिनों में जमीनी स्थिति और प्रशासनिक प्रयासों के आधार पर होता रहेगा।


















