BCCL Coal Dispatch, धनबाद: देश के पावर प्लांटों और थर्मल पावर स्टेशनों में कोयले की बढ़ती मांग को देखते हुए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने कोयला उत्पादन और डिस्पैच बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। कंपनी की प्राथमिकता पावर सेक्टर को निर्बाध रूप से कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
इसी क्रम में BCCL के CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने मंगलवार को कुसुंडा क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं और साइडिंग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से उत्पादन और कोयला डिस्पैच से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कोयला डिस्पैच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कुसुंडा क्षेत्र की परियोजनाओं और साइडिंग का निरीक्षण
CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने कुसुंडा क्षेत्र की KDS-2 परियोजना का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने KDSK साइडिंग का जायजा लिया। इस दौरान कुसुंडा जीएम एनबी त्रिवेदी सहित क्षेत्र के अन्य अधिकारियों के साथ कोयला डिस्पैच बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को डिस्पैच व्यवस्था को बेहतर बनाने और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार काम करने को कहा गया। कंपनी की कोशिश है कि पावर सेक्टर के लिए कोयले की आपूर्ति को लगातार बनाए रखा जाए।

रोजाना 22 से 25 रैक पावर कोल भेजने का लक्ष्य
BCCL ने पावर सेक्टर के लिए प्रतिदिन 22 से 25 रैक पावर कोल भेजने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का कहना है कि देश के पावर प्लांटों और थर्मल पावर स्टेशनों की जरूरत को देखते हुए कोयला डिस्पैच को प्राथमिकता दी जा रही है।
मानसून के कारण कोयला डिस्पैच से जुड़ी कुछ परेशानियां सामने आ रही थीं। कंपनी की ओर से इन समस्याओं को धीरे-धीरे दूर करने की कोशिश की जा रही है, ताकि डिस्पैच की प्रक्रिया को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप बनाए रखा जा सके।

पावर सेक्टर को निर्बाध आपूर्ति पर जोर
BCCL की प्राथमिकता पावर सेक्टर को बिना किसी रुकावट के कोयले की आपूर्ति करना है। इसके लिए कंपनी स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। कुसुंडा क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान भी CMD ने अधिकारियों के साथ डिस्पैच व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की।
कंपनी का जोर उत्पादन और डिस्पैच से जुड़ी व्यवस्थाओं में सुधार करने पर है, जिससे पावर प्लांटों तक निर्धारित मात्रा में कोयला पहुंचाया जा सके।
टीम भावना से काम कर रहे अधिकारी और कर्मचारी
मीडिया से बातचीत में BCCL के CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि कंपनी के निदेशक, महाप्रबंधक, अधिकारी और कर्मचारी टीम भावना के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यालय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक लगातार निगरानी की जा रही है।
CMD के अनुसार कंपनी का प्रयास है कि देश में बिजली उत्पादन के लिए कोयले की कमी नहीं हो। इसी उद्देश्य से कोयला डिस्पैच को बेहतर बनाने और पावर सेक्टर की मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कुसुंडा क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को उत्पादन और डिस्पैच से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। BCCL का प्रतिदिन 22 से 25 रैक पावर कोल भेजने का लक्ष्य इसी दिशा में कंपनी की तैयारी को दर्शाता है।


















