Ranchi University PhD Admission 2026: रांची विश्वविद्यालय में इस बार पीएचडी प्रवेश को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। विश्वविद्यालय में पीएचडी रेगुलेशन 2026 के तहत प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। इसी प्रक्रिया के बीच अफ्रीका से दो छात्रों ने पीएचडी के लिए आवेदन किया है। विश्वविद्यालय के अनुसार, दोनों विदेशी आवेदन अफ्रीका से प्राप्त हुए हैं। पीएचडी प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि गुरुवार को समाप्त हो गई। हालांकि, ऑनलाइन आवेदन जमा करने वाले विद्यार्थियों को हार्ड कॉपी जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। विश्वविद्यालय ने हार्ड कॉपी जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 11 सितंबर कर दी है।
छुट्टी के कारण हार्ड कॉपी जमा करने की बढ़ी तारीख
रांची विश्वविद्यालय के रिसर्च निदेशक डॉ. परवेज हसन ने बताया कि पहले आवेदन की हार्ड कॉपी जमा करने की अंतिम तिथि 10 सितंबर निर्धारित थी। विश्वविद्यालय में अवकाश घोषित होने के कारण छात्रहित को ध्यान में रखते हुए तारीख में बदलाव किया गया। इस संबंध में सदस्य सचिव डॉ. नीरज की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। अब विद्यार्थी 11 सितंबर तक अपने ऑनलाइन आवेदन की हार्ड कॉपी जमा कर सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त अवसर देना बताया गया है।
468 आवेदन में दो विदेशी छात्रों के फॉर्म
विश्वविद्यालय में अब तक पीएचडी प्रवेश के लिए 468 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें दो आवेदन विदेशी छात्रों के हैं और दोनों अफ्रीका से आए हैं। पीएचडी के लिए विश्वविद्यालय में कुल 331 सीटें निर्धारित की गई हैं। विषयवार सीटों की स्थिति में बांग्ला विषय में कोई सीट रिक्त नहीं है। वहीं जंतुविज्ञान में सबसे अधिक 30 सीटें उपलब्ध हैं। मुंडारी विषय में सबसे कम, केवल एक सीट रिक्त बताई गई है। इससे अलग-अलग विषयों में उपलब्ध सीटों को लेकर विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा की स्थिति भी अलग-अलग रहने वाली है।
PhD की 331 सीटों पर लागू होगा आरक्षण रोस्टर
इस बार रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी नामांकन प्रक्रिया में पहली बार आरक्षण रोस्टर लागू किया जा रहा है। कुल 331 सीटों में सामान्य वर्ग के लिए 153 सीटें निर्धारित हैं। वहीं ईवीएस के लिए 16, एसटी के लिए 85, एससी के लिए 34, बीसी-1 के लिए 30 और बीसी-2 के लिए 13 सीटें निर्धारित की गई हैं। आरक्षण रोस्टर लागू होने के कारण इस बार पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में विभिन्न श्रेणियों के लिए निर्धारित सीटों के अनुसार नामांकन किया जाएगा।
चार वर्षीय ऑनर्स विथ रिसर्च छात्रों को भी मौका
नई शिक्षा नीति के तहत पीएचडी प्रवेश की पात्रता में भी बदलाव किया गया है। पहली बार स्नातक स्तर पर चार वर्षीय ऑनर्स विथ रिसर्च करने वाले विद्यार्थियों को भी कुछ शर्तों के साथ पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इसके लिए विद्यार्थियों के स्नातक स्तर पर कम से कम 75 प्रतिशत अंक या उसके समकक्ष सीजीपीए होना जरूरी है। वहीं पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। इससे चार वर्षीय रिसर्च आधारित स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों के लिए सीधे उच्च शोध शिक्षा की दिशा में अवसर का दायरा बढ़ा है।
इस बार नहीं होगी PhD प्रवेश परीक्षा
रांची विश्वविद्यालय में इस बार पीएचडी नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की जा रही है। साथ ही विद्यार्थियों से पीएचडी नामांकन के लिए आवेदन शुल्क भी नहीं लिया गया है। विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में इस बार आरक्षण रोस्टर लागू किया जाना भी एक महत्वपूर्ण बदलाव है। वहीं अफ्रीका से दो छात्रों के आवेदन आने से विश्वविद्यालय के पीएचडी कार्यक्रम में विदेशी विद्यार्थियों की भागीदारी भी सामने आई है। अब हार्ड कॉपी जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की प्रवेश प्रक्रिया विश्वविद्यालय के पीएचडी रेगुलेशन 2026 के प्रावधानों के अनुसार आगे बढ़ेगी।


















