बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन मामले में हेमंत सोरेन की याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
Hemant Soren रांची: बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की याचिका पर बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल हस्तक्षेप याचिका यानी IA पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
Hemant Soren: हेमंत सोरेन की IA में क्या मांग की गई है
मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल IA में रांची की विशेष पीएमएलए अदालत के उस आदेश पर 19 सितंबर तक रोक लगाने की मांग की गई है, जिसमें उनकी डिस्चार्ज पिटीशन खारिज कर दी गई थी। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट में चल रही आगे की आपराधिक कार्यवाही पर भी रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।
सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा। वहीं हेमंत सोरेन की ओर से वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने दलीलें पेश कीं।
Hemant Soren: 8 जून को खारिज हुई थी डिस्चार्ज पिटीशन
रांची की विशेष पीएमएलए अदालत ने 8 जून 2026 को हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज पिटीशन खारिज कर दी थी। विशेष अदालत के मुताबिक उपलब्ध सामग्री के आधार पर इस स्तर पर मामले को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। इसी आदेश को हेमंत सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट में दाखिल क्रिमिनल रिवीजन याचिका में निचली अदालत के आदेश को रद्द करने और मामले में आगे चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की है। 9 सितंबर की सुनवाई में हाईकोर्ट ने ईडी को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया था।
Key Highlights
- बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला।
- हेमंत सोरेन की IA पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी।
- दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रखा।
- 8 जून को विशेष पीएमएलए अदालत ने डिस्चार्ज पिटीशन खारिज की थी।
- हेमंत सोरेन ने निचली अदालत के आदेश और आगे की कार्यवाही पर रोक की मांग की है।
Hemant Soren: बड़गाईं जमीन मामले में 14 आरोपियों पर आरोप गठन
बड़गाईं जमीन मामले में ईडी की विशेष अदालत पहले ही कई आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन कर चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आरोपियों में पूर्व राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह, तापस घोष, शेखर कुशवाहा, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, अफसर अली, मोहम्मद इरशाद अख्तर, कुमार राजश्री, मनोज कुमार यादव, प्रियरंजन सहाय, विपिन सिंह, विजेंद्र सिंह और संजीत कुमार शामिल हैं।
यह मामला रांची के बड़गाईं क्षेत्र में 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों की जांच से संबंधित है। हेमंत सोरेन ने आरोपों से इनकार किया है।



















