बिहार में बाढ़ से करीब 15 जिलों के 88 प्रखंड और 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। केंद्र ने राहत, आवास, बीज और किसानों की सहायता में अधिकतम सहयोग का आश्वासन दिया।
Bihar Flood Relief पटना: बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा को लेकर बुधवार को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों ने बाढ़ से हुई क्षति, राहत कार्यों और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी केंद्र की टीम के सामने रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा आकलन दुर्गा पूजा से पहले कर लिया जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार केंद्र सरकार को विस्तृत रिपोर्ट भेजेगी। वहीं, केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि बिहार की जरूरतों और बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाई जाएगी तथा अधिकतम सहयोग उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
Bihar Flood Relief:50 लाख लोग हुए बाढ़ से प्रभावित, एक हजार से अधिक सामुदायिक रसोई चलीं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में बताया कि बिहार की भौगोलिक स्थिति के कारण राज्य को हर वर्ष बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस वर्ष करीब 15 जिलों के 88 प्रखंडों में लगभग 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए एक हजार से अधिक सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए गए। इनके माध्यम से करीब 1 करोड़ 62 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया। राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी रहे। विभिन्न विभागों ने आधारभूत संरचना, कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य, ग्रामीण कार्य, जल संसाधन और अन्य क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन प्रस्तुत किया।
Key Highlights
- बिहार के करीब 15 जिलों के 88 प्रखंडों में लगभग 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए।
- एक हजार से अधिक सामुदायिक रसोई के जरिए करीब 1 करोड़ 62 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया।
- दुर्गा पूजा से पहले बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा आकलन कर केंद्र को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- केंद्र सरकार ने राहत और पुनर्वास के लिए बिहार को अधिकतम सहयोग का आश्वासन दिया।
- किसानों के लिए केला, मक्का और लीची समेत विभिन्न फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा।
Bihar Flood Relief:शिवराज बोले, बाढ़ राहत में बिहार ने पेश किया उदाहरण
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार सरकार के राहत कार्यों की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा बाढ़ के दौरान किए गए राहत कार्यों को लेकर धन्यवाद दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण आधारभूत संरचनाओं के साथ-साथ फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है। केला, मक्का, धान और अन्य फसलें प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से केला, मक्का और लीची जैसी फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता वाली फसलों का उत्पादन बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और बिहार के कृषि उत्पादों को विदेशों तक पहुंचाने की संभावनाओं को मजबूत करना है।
Bihar Flood Relief:प्रधानमंत्री और गृह मंत्री तक पहुंचाई जाएगी बिहार की स्थिति
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्रीय टीम ने बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण और स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया है। बिहार में बाढ़ से हुई क्षति और राज्य की जरूरतों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अवगत कराया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सहायता, जीविका दीदियों को मदद और किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ से होने वाले नुकसान का विस्तृत आकलन जल्द पूरा किया जाएगा। दुर्गा पूजा से पहले रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बिहार को केंद्र सरकार से पहले भी सहयोग मिलता रहा है और इस बार भी नुकसान के आकलन के आधार पर अधिकतम सहायता की उम्मीद है।
Bihar Flood Relief:बैठक में कई विभागों ने रखा अपना पक्ष
बैठक में कृषि, ग्रामीण कार्य, ऊर्जा, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, जल संसाधन, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन समेत कई विभागों ने बाढ़ के दौरान किए गए इंतजाम और नुकसान का प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार सहित राज्य और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



















