झारखंड में निजी विश्वविद्यालय खोलने की पुरानी व्यवस्था खत्म कर दी गई है। नए कानून के तहत पहले इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा, फिर अनुमति मिलेगी।
Jharkhand Private University रांची:झारखंड में निजी विश्वविद्यालय खोलने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2014 की मॉडल गाइडलाइन के आधार पर निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए चल रही पुरानी प्रक्रिया को वापस लेने का निर्णय लिया है। अब नए कानून के तहत निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए पहले पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा, इसके बाद ही विश्वविद्यालय स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के इस निर्णय से निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए सरकार के पास लंबित 39 प्रस्तावों की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। इन प्रस्तावों के साथ जमा किया गया एक-एक लाख रुपये का आवेदन शुल्क वापस किया जाएगा।
Jharkhand Private University:39 प्रस्तावों की पुरानी प्रक्रिया होगी खत्म
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के संकल्प के अनुसार, झारखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2024 लागू होने से पहले निजी विश्वविद्यालय खोलने की प्रक्रिया वर्ष 2014 की मॉडल गाइडलाइन के आधार पर चल रही थी।
इस व्यवस्था के तहत 39 निजी विश्वविद्यालय खोलने के प्रस्ताव अलग-अलग स्तर पर सरकार के पास विचाराधीन थे। प्रत्येक प्रस्ताव के साथ आवेदन शुल्क के रूप में एक लाख रुपये कोषागार में जमा किए गए थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन सभी प्रस्तावों की पुरानी प्रक्रिया वापस ले ली जाएगी और आवेदन शुल्क संबंधित आवेदकों को लौटाया जाएगा।
Key Highlights
- झारखंड में निजी विश्वविद्यालय खोलने की पुरानी प्रक्रिया वापस ली गई।
- 39 प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालयों का आवेदन शुल्क लौटाया जाएगा।
- 13 निजी विश्वविद्यालयों के लिए जारी लेटर ऑफ इंटेंट रद्द होंगे।
- 8 प्रस्तावित विश्वविद्यालयों की 4-4 करोड़ रुपये की एफडी भी वापस होगी।
- नए कानून के तहत पहले पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा।
Jharkhand Private University:13 विश्वविद्यालयों का LOI भी होगा रद्द
पुरानी प्रक्रिया के तहत 13 प्रायोजक निकायों को विभागीय मंत्री की मंजूरी के बाद लेटर ऑफ इंटेंट यानी एलओआई जारी किया गया था। अब इन सभी एलओआई को रद्द कर वापस लिया जाएगा।
इनमें से 8 प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालयों के प्रायोजक निकायों ने एलओआई की शर्तें पूरी करने के लिए विभाग के नाम 4-4 करोड़ रुपये की एफडी जमा कराई थी। नई व्यवस्था के तहत यह बंदोबस्ती राशि भी संबंधित प्रायोजक निकायों को वापस की जाएगी।
इस तरह 8 प्रस्तावित विश्वविद्यालयों से जुड़ी कुल 32 करोड़ रुपये की एफडी राशि वापस किए जाने की प्रक्रिया होगी।
Jharkhand Private University:अब पहले इंफ्रास्ट्रक्चर, फिर विश्वविद्यालय की अनुमति
झारखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2024 लागू होने के बाद निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। नई व्यवस्था का मूल आधार यह है कि विश्वविद्यालय खोलने की अनुमति लेने से पहले आवश्यक आधारभूत संरचना तैयार करनी होगी।
राज्य में फिलहाल 11 सरकारी और 19 निजी विश्वविद्यालय संचालित हैं। इसके अलावा 39 नए निजी विश्वविद्यालय खोलने के प्रस्ताव अलग-अलग स्तर पर सरकार के पास लंबित थे। पुरानी प्रक्रिया वापस लिए जाने के बाद इन प्रस्तावों को नई व्यवस्था के अनुरूप आगे बढ़ाना होगा।
सरकार के इस निर्णय के बाद निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के इच्छुक प्रायोजक निकायों को नए कानून में निर्धारित शर्तों और आधारभूत संरचना से जुड़े प्रावधानों के अनुरूप प्रक्रिया पूरी करनी होगी।



















